“एक महिला की दया और सज्जनता को आम तौर पर उसकी कमजोरी की तरह लिया जाता है: अभिनेत्री कंगना रनौत

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड मामले पर कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच शुरु हुई जुबानी जंग वक्त के साथ काफी गंभीर हो गई. बात तब बहुत ज्यादा बिगड़ गई जब BMC ने कंगना रनौत के पाली हिल वाले दफ्तर पर बुलडोजर चलवा दिया. इसके बाद से कंगना और ज्यादा आक्रामक हो गई और वह लगातार महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ ट्वीट करती रहती हैं.

इसी क्रम में कंगना ने मंगलवार को एक ट्वीट में लिखा, “एक महिला की दया और सज्जनता को आम तौर पर उसकी कमजोरी की तरह लिया जाता है, कभी भी किसी को उस हद तक दबाओ जहां उनके पास खोने को कुछ न रहे. आप सिर्फ उन्हें और ज्यादा आजाद कर रहे हैं जिसके बारे में आपको पता भी नहीं होता है.”

कंगना ने अपने ट्वीट में लिखा, “ऐसे लोग सिर्फ खतरनाक ही नहीं बनते बल्कि जानलेवा हो जाते हैं.” बता दें कि कंगना रनौत ने महाराष्ट्र आने से पहले शिवसेना को खुली चुनौती दी थी कि रोक सको तो रोक लो. इसके बाद मुंबई एयरपोर्ट पर हजारों की तादात में शिवसेना के समर्थक कंगना वापस जाओ के नारे लगाते हुए पहुच गए थे.

कंगना का दफ्तर तोड़े जाने के बाद उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की तुलना बाबर से की थी और अपने दफ्तर को राम मंदिर बताते हुए कहा था कि मंदिर फिर बनेगा. हालांकि 48 करोड़ का उनका दफ्तर टूट जाने के बाद अपने एक बयान में कंगना रनौत ने कहा है कि अभी उनके पास दफ्तर को दोबारा बनवाने के पैसे नहीं है इसीलिए वह उसी दफ्तर में काम करेंगी.

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