एटीपी बेटी की उम्र की युवती से शादी का झांसा देकर दो साल तक शारीरिक संबंध बनाता रहा….

नगर निगम में तैनात एक युवती ने यहां तैनात रहे असिस्टेंट टाउन प्लानर (एटीपी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने बताया कि एटीपी शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा। बाद में एटीपी ने उससे शादी से इन्कार कर दिया। उसने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस कमिश्नर सुधांशु शेखर श्रीवास्तव का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

युवती के मुताबिक 2016 में उसकी मुलाकात आफिस में ही तैनात एटीपी से हुई थी। आरोपित उसे अलग-अलग तरीके से अपने बहकावे में लेने लगा। जब उसने विरोध किया तो एटीपी ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। काम के सिलसिले में उसे कई बार आरोपित के पास जाना पड़ता था।

युवती ने कहा कि एक दिन नरिंदर शर्मा ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया, लेकिन वह बार-बार इन्कार करती रही। एक दिन एटीपी सीधे उसके घर मां और भाई के पास चला गया। जब वह शाम को घर पहुंची तो सामने एटीपी को देखकर हैरान हो गई।

एटीपी ने उसकी मां और भाई से उसका हाथ मांग लिया। आरोपित ने परिवार को भ्रम में डाला कि उसकी अपनी पत्नी के साथ नहीं बनती और तलाक के लिए अदालत में केस दायर कर रखा है। आरोपित के पद और रुतबे को देखते हुए उसकी मां और भाई ने शादी के लिए हां कर दी। इसके बाद आरोपित उसे अलग-अलग जगहों पर साथ ले जाकर उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा।

कुछ समय पहले आरोपित का तबादला पटियाला हो गया। तब आरोपित ने उसे बताया कि वह उसका तबादला अपने साथ ही पटियाला में करवाना चाहता है, लेकिन परिवार ने ऐसा (तबादला) कराने से इन्कार कर दिया। तब मां ने एटीपी से कहा कि वह पहले उनकी बेटी के साथ शादी करे। तब उसके साथ रह सकता है।

जब आरोपित ने टालमटोल करना शुरू किया तो परिवार को संदेह हो गया। परिवार ने जब जांच की तो पता चला की एटीपी की पीड़िता की आयु की बेटी है और उसका अपनी पत्नी के साथ तलाक को लेकर कोई केस अदालत में नहीं चल रहा है। अब आरोपित ने पीडि़ता को शादी से भी इन्कार कर दिया।

अदालत में हुए बयान

मामले की पैरवी कर रहे वकील रवि महाजन ने बताया कि पीड़िता के कोर्ट में 164 के बयान करवा दिए गए हैं। न्यायाधीश ने पीडि़ता से बातचीत के बाद उसके बयान कलमबद्ध कर लिए हैं। पीड़िता का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाया गया है, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।

एटीपी मी-टू ट्रैप में तो नहीं!

मामला पिछले तीन महीने से लटका हुआ था। जांच रिपोर्ट में पुलिस ने बताया है कि आरोपित ने अपना पक्ष बताते हुए कहा था कि पैसों के लेनदेन को लेकर शिकायतकर्ता महिला के साथ उनका विवाद चल रहा है। जिसके चलते महिला उन पर इस तरह के संगीन आरोप लगा रही है। हालांकि पुलिस के मुताबिक महिला ने साल 2016-17 के दौरान एटीपी और उसके साथ हुई वाट्सएप चैटिंग सुबूत के तौर पर पुलिस को दिए हैं।

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