कानपुर के तीन इलाकों में थी आतंकियों के छिपने की योजना

आतंकी मिनहाज और मसीरूद्दीन को ले आयी एटीएस, छह घरों की हो रही निगरानी

कानपुर। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पकड़े गये दो आतंकियों का कानपुर कनेक्शन सामने आ रहा है। यहां के करीब 40 लोगों से आतंकियों का संपर्क रहा और उन लोगों के साथ बैठक कर योजनाएं बनाई गईं। सूत्रों के मुताबिक एटीएस को जांच में पता चला कि घटना के बाद कानपुर के तीन इलाकों में छिपने की इन्होंने योजना बनाई थी। इसको ध्यान में रखते हुए एटीएस ने तीनों इलाकों के छह घरों को निगरानी में रखा है और तीनों इलाकों में गुप्त सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश एन्टी टेरेरिस्ट स्क्वायड (एटीएस) की टीम ने लखनऊ से बीते दिनों मिनहाज और मुसीरुद्दीन को पकड़ा था। एटीएस का दावा है कि ये दोनों आतंकी अलकायदा समर्थित गजवातुल हिंद नाम के संगठन से जुड़े हुए हैं। इसके बाद से लगातार पूरे मामले की छानबीन की जा रही है और तीन अन्य आरोपित पकड़े गये जो सीधे तौर पर आतंकी घटना की योजना बना रहे थे। पांचों से सघन पूछताछ में कानपुर से उनका कनेक्शन सामने आ रहा है। इस पर एटीएस ने कानपुर के लगभग 40 लोगों को चिह्नित किया और 27 लोगों से पूछताछ भी की गई।

सूत्रों के अनुसार एटीएस को इस बात की भी जानकारी हुई कि योजना के मुताबिक, 15 अगस्त को आतंकी घटना के बाद इन लोगों की कानपुर के तीन इलाकों में छिपने की योजना थी। इस पर पकड़े गये आतंकियों को एटीएस कानपुर लाई और उन छह घरों को चिह्नित करते हुए निगरानी में रखा गया है। इसके साथ चमनगंज, नई सड़क और जाजमऊ में एटीएस की टीम गुप्त सर्च ऑपरेशन में जुट गई। हालांकि एटीएस का अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जिस प्रकार एटीएस गुप्त सर्च ऑपरेशन चला रही है, उससे तीनों इलाकों के लोग दहशत में हैं। लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि आतंकियों का किस घर से कनेक्शन जुड़ा हो और कब एटीएस छापेमारी कर दे।

चमनगंज से खरीदा गया था असलहा

सूत्रों के मुताबिक, आतंकी मिनहाज और मुसीरूद्दीन ने एटीएस को पूछताछ में बताया कि कानपुर के चमनगंज से इन लोगों ने असलहा खरीदा था। यह भी बताया कि असलहा यानी पिस्टल आफाक नाम के व्यक्ति की मदद से एक अन्य संदिग्ध से खरीदा गया था। इस जानकारी के बाद से ही यह तय माना जा रहा था कि एटीएस की टीम जल्द कानपुर में छापेमारी करेगी। सूत्रों के मुताबिक इसी कड़ी को जोड़ने के लिए एटीएस चमनगंज सहित नई सड़क और जाजमऊ में गुप्त सर्च ऑपरेशन चला रही है। हालांकि आफाक अभी भी एटीएस की पकड़ से दूर बना हुआ है। .

इन्होंने दी अहम जानकारी

लखनऊ में पकड़े गये आतंकी मिनहाज और मसीरूद्दीन के बाद लईक, मुस्तकीम और शकील भी पकड़े गये। इन्हीं तीनों ने एटीएस को अहम जानकारी दी कि कानपुर से आफाक नाम के व्यक्ति की मदद से एक अन्य संंदिग्ध से असलहा, चाकू और कारतूस खरीदे गये थे। यह भी बताया गया कि चमनगंज, नई सड़क और जाजमऊ के छह घरों में घटना के बाद छिपने की योजना थी। इन सभी घरों में आतंकियों की बैठकें भी हो चुकी है। हालांकि एटीएस ने इन छहों घरों में रहने वालों को अभी पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है, मगर इनके घरों के बाहर निगरानी जरूर बढ़ा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, यहां रहने वाले लोगों का मूवमेंट ट्रैक किया जा रहा है। उम्मीद है कि इनके मूवमेंट से संदिग्ध आफाक के बारे में कुछ सूचना मिल सकती है।

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