
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि ईरान के पास अब छिटपुट मिसाइल और सेना बची है और वह बहुत जल्द घुटने टेक देगा। इन सबके बीच ईरानी का कहना है कि हमने इजरायल और अमेरिका के साथ लंबे युद्ध की योजना बनाई है।
दरअसल, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा पिछले दो दशकों में अमेरिकी युद्धों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद, तेहरान ने एक ऐसी अभेद्य रक्षा प्रणाली विकसित की है जो केंद्रीकृत कमान के बिना भी लड़ने की क्षमता रखती है।
इजरायल और अमेरिका साथ युद्ध में ईरान वरिष्ठ कमांडरों, प्रमुख सुविधाओं, संचार नेटवर्क और यहां तक कि केंद्रीकृत नियंत्रण को भी खो सकता है। ईरान के विदेश मंत्री का साफ तौर पर कहना है कि अगर हम अपने चौथे उत्तराधिकारी को भी खो देंगे, तब भी हम लड़ने में पूरी तरह सक्षम हैं।
इसका मतलब यह है कि प्राथमिकता केवल तेहरान की रक्षा करना या सर्वोच्च नेतृत्व की सुरक्षा करना ही नहीं है। बल्कि ईरान का यह रक्षा तंत्र पारंपरिक युद्ध के नियमों को चुनौती देता है। इस लिहाज से देखा जाए तो ईरान की सेना अल्पकालिक युद्ध के लिए नहीं बनी थी। यह एक लंबे युद्ध के लिए बनी है।
क्या है ईरान का मोजेक डिफेंस सिस्टम
मोजेक डिफेंस सिस्टम एक ऐसी रक्षा प्रणाली है, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से सबसे अधिक जुड़ी हुई है। मोजेक डिफेंस ने पूर्व कमांडर मोहम्मद अली जाफरी के नेतृत्व में 2007 से 2019 तक बल का नेतृत्व किया था।
इसका उद्देश्य राज्य की रक्षात्मक संरचना को एक ही कमान श्रृंखला में शक्ति केंद्रित करने के बजाय कई क्षेत्रीय और अर्ध-स्वतंत्र स्तरों में संगठित करना है, जिसे दुश्मनों पर घातक हमले किए जा सकते हैं।
मोजेक डिफेंस सिस्टम के तहत ईरान की आईआरजीसी, बासिज, नियमित सेना इकाइयां, मिसाइल बल, नौसेना संसाधन और स्थानीय कमान संरचनाएं एक वितरित प्रणाली के हिस्से के रूप में काम करती हैं। इसमें अगर एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाए या फिर कोई शीर्ष लीडर मार दिया जाए, तो भी यह श्रृंखला टूटती नहीं है और दुश्मनों पर अपने हमले जारी रखती है।
दो सिद्धांतों पर काम करता है यह सिस्टम
मोजेक डिफेंस सिस्टम दो मुख्य रूप से दो सिद्धांतों पर काम करता है। पहला ईरान की कमान प्रणाली को बलपूर्वक ध्वस्त करना कठिन बनाना और दूसरा ईरान को नियमित रक्षा, अनियमित युद्ध, स्थानीय लामबंदी और दीर्घकालिक क्षय के एक स्तरित क्षेत्र में बदलकर युद्धक्षेत्र को ही त्वरित रूप से हल करना कठिन बनाना। इसके तहत स्थानीय इकाइयों के पास कार्रवाई करने का अधिकार और क्षमता बनी रहती है।
ईरान के अनुसार, इस सिस्टम के तहत आक्रमणकारी सेना के पास कहीं अधिक उन्नत पारंपरिक प्रौद्योगिकी, वायु शक्ति और खुफिया क्षमताएं होती हैं। इसका समाधान समरूप टकराव नहीं है। बल्कि, इसका उद्देश्य दुश्मन के लाभों को बाधित करना, संघर्ष को लंबा खींचना और उसे जारी रखने की लागत को बढ़ाना है।
युद्ध की स्थिति में कैसे करती है काम?
मोजेक डिफेंस सिस्टम के तहत अपेक्षा की जाती है कि सेना पहला हमला झेलेगी। इसके बाद बख्तरबंद, मशीनीकृत और पैदल सेना की टुकड़ियाँ रक्षा की प्रारंभिक पंक्ति के रूप में कार्य करती हैं, जिनका कार्य दुश्मन की प्रगति को धीमा करना और मोर्चे को स्थिर करना है।
वहीं, वायु रक्षा इकाइयां, छलावरण, छल और फैलाव का उपयोग करते हुए, दुश्मन की हवाई श्रेष्ठता को यथासंभव कम करने का प्रयास करती हैं।
चौथा उत्तराधिकारी कौन है?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अपनी हत्या से पहले कथित तौर पर वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि प्रत्येक महत्वपूर्ण सैन्य और नागरिक पद के लिए कई पूर्व-निर्धारित उत्तराधिकारी मौजूद हों। बताया जाता है कि प्रत्येक वरिष्ठ पद के लिए चार उत्तराधिकारी थे। इसी से चौथे उत्तराधिकारी की अवधारणा का जन्म हुआ।
मोजेक डिफेंस सिस्टम का उद्देश्य केवल शीर्ष पर उत्तराधिकारी का नाम तय करना नहीं था। बल्कि पूरी व्यवस्था में उत्तराधिकार की कई परतें बनाना है। ताकि किसी एक नेता की हत्या, गुमशुदगी या अलगाव से कामकाज ठप्प न हो जाए। भले ही पहला उत्तराधिकारी सत्ता संभालने में सक्षम न हो, दूसरा, तीसरा या चौथा उत्तराधिकारी पहले से ही तैयार रहे।



