चीनी मोबाइल एप पर तत्काल बैन लगाने की मांग को अमेरिकी अदालत ने किया खारिज

अमेरिका की एक अदालत ने मैसेजिंग और मोबाइल पेमेंट एप वी–चैट पर तत्काल रोक लगाने से इन्कार कर दिया है। सरकार के न्याय विभाग ने इस सबंध में सर्किट कोर्ट में चीनी एप पर रोक के लिए एक प्रस्ताव दिया था।  अदालत ने सरकार से कहा कि उनके द्वारा प्रस्ताव में ऐसा कोई भी ठोस कारण नहीं दिया गया है, जिससे इस लंबित पड़े मामले को तत्काल सुनना जरूरी हो। अदालत ने पिछले आदेश को भी निरस्त करने से मना कर दिया।

ज्ञात हो कि 6 अगस्त को ट्रंप सरकार ने चीनी एप वी-चैट पर रोक लगाने की घोषणा की थी। इस एप के जरिये अमेरिका में यूजर पेमेंट भी करते हैं। रोक के कारण वी-चैट यूजर ने इस संबंध में अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट ने एप पर रोक के आदेश को स्थगित करते हुए फिलहाल उन्हें राहत दे दी। अब सरकार ने दोबारा अदालत में आवेदन देते हुए तत्काल चीनी एप पर रोक लगाने का आग्रह किया था।

23 अक्टूबर को कैलिफोर्निया के उत्तरी जिले के जिला न्यायालय से मजिस्ट्रेट न्यायाधीश लॉरेल बीलर ने भी वीचैट पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रारंभिक अनिवार्यता को बरकरार रखने के सरकार के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। उन्होंने फैसला सुनाया कि सरकार के अतिरिक्त सबूतों ने अदालत की पिछली होल्डिंग में कोई बदलाव नहीं किया है और इसलिए WeChat के यूएस-आधारित उपयोगकर्ता प्रारंभिक निषेधाज्ञा के हकदार हैं।

20 सितंबर को उन्होंने अस्थायी रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश को रोक दिया ताकि प्रारंभिक निषेधाज्ञा के लिए प्रस्ताव को जारी करने के लिए वीचैट पर प्रतिबंध लगा दिया जाए, जिसने निर्धारित किया कि ऐप पर लगाए गए प्रतिबंध अमेरिका में अपने उपयोगकर्ताओं के संवैधानिक संशोधन अधिकारों का उल्लंघन कर सकते हैं।

वाणिज्य विभाग ने 18 सितंबर को निषेध लेनदेन की पहचान जारी की थी। सरकार ने इस महीने की शुरुआत में अपीलकर्ता अदालत का रुख किया, जिसमें बीलर के फैसले को बदलने की अपील की गई थी। 6 अगस्त को ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी किया जिसमें वीचैट के माध्यम से अमेरिकी लेनदेन पर प्रतिबंध लगाया गया था

 

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube