धरती पर बर्फ के नुकसान का आकलन करेगा नासा का लेजर सेटेलाइट आइससेट-2

नासा ने एक अति आधुनिक लेजर सेटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा। यह धरती पर बर्फ में आई कमी के साथ ही समुद्र तल में हुई वृद्धि पर समय- समय पर अपनी रिपोर्ट भेजेगा। इसी काम के लिए 2003 में ‘आइससेट’ सेटेलाइट छोड़ा गया था, जिसका अभियान 2009 में समाप्त हुआ था। आइससेट ने समुद्री बर्फ की परत के बहुत पतला होने और ग्रीनलैंड के तटीय इलाकों और अंटार्कटिका के ऊपर से बर्फ की परत पूरी तरह हटने की जानकारी दी थी।

आइससेट-2 नामक यह सेटेलाइट आधा टन वजनी है। इसे शनिवार सुबह 6.02 मिनट पर कैलिफोर्निया स्थित वांडेनबर्ग एयरफोर्स बेस पर डेल्टा-2 रॉकेट से छोड़ा गया। इसके निर्माण पर एक अरब डॉलर खर्च हुए हैं। एक दशक में यह पहली बार है, जब नासा के पास अंतरिक्ष में एक ऐसा उपकरण होगा, जिससे दुनिया भर में बर्फ की परत की ऊंचाई मापी जा सकेगी। बता दें कि पहले और दूसरे अभियानों के इन नौ वर्षों के बीच आइसब्रिज नाम के एक एयरक्राफ्ट मिशन के द्वारा आर्टिक और अंटार्कटिक के ऊपर बर्फ की परतों की ऊंचाई मापी गई थी।

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