नवरात्रि के तीसरे दिन देवी के चंद्रघंटा रूप की पूजा होती

आज शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन है। नवरात्रि के तीसरे दिन सिंदूर तृतीया का उत्सव मनाया जाता है। नवरात्रि में इस दिन का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि के तीसरे दिन देवी के चंद्रघंटा रूप की पूजा होती है।

सिंदूर तृतीया का ये उत्सव नवरात्रि के दौरान किया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक पृथ्वी पर देवी दुर्गा निवास करती हैं। ऐसे में उनको सिंदूर लगाने का परंपरा होती है। देवी की उपासना में लाल सिंदूर का प्रयोग बहुत ही जरूरी होता है।  सिंदूर हिन्दू अनुष्ठानों की महत्वपूर्ण चीजों में से एक माना जाता है और देवी दुर्गा की पूजा करते समय बहुत महत्वपूर्ण होता है।सिंदूर तृतीया का उत्सव दक्षिण भारत के राज्यों समेत देश की कई हिस्सों में नवरात्रि के दौरान मनाया जाता है। सिंदूर तृतीया की रस्म नवरात्रि उत्सव के पहले तीन दिनों के समापन का प्रतीक है।

नवरात्रि में माता को नियमित सिंदूर चढ़ाने से जीवन से क्लेश मिटता है और सुख शांति में वृद्धि होती है। देवी पर चढ़ाया गया सिंदूर सौभाग्य वृद्धि करने वाला होता है। सुहागन स्त्रियों को इसे प्रसाद स्वरूप घर में रखना चाहिए और नियमित लगाना चाहिए।

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