नेब्रास्का में गांधीजी की प्रतिमा के साथ अहिंसा और सत्याग्रह को मिली नई पहचान

राष्ट्रपति महात्मा गांधी भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाने के लिए जाने जाते हैं. इसीलिए दुनिया के हर देश में गांधी प्रतिमा अवश्य मिल जाएगी.

 अमेरिका के नेब्रास्का राज्य में राष्ट्रपति महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया गया. नेब्रास्का के गवर्नर जिम पिलेन ने लिंकन स्थित नेब्रास्का स्टेट कैपिटल के गवर्नर कार्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया. यह पहली बार है जब भारतीय कॉन्सुलेट, सिएटल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नौ राज्यों में से किसी राज्य के कैपिटल परिसर में गांधीजी की प्रतिमा स्थापित की गई है.

इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें गवर्नर जिम पिलेन, लेफ्टिनेंट गवर्नर जो केली, पूर्व नेब्रास्का सीनेटर बेन नेल्सन, प्रसिद्ध कोच टॉम ओसबोर्न, भारत के कॉन्सुल जनरल प्रकाश गुप्ता और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख सदस्य शामिल थे. समारोह के वक्ताओं ने अहिंसा और सत्याग्रह के स्थायी मूल्यों को रेखांकित करते हुए इन्हें आज की दुनिया में प्रासंगिक बताया.

6 दिसंबर को घोषित किया गया ‘महात्मा गांधी स्मृति दिवस’

भारतीय कॉन्सुलेट सिएटल और नेब्रास्का के गवर्नर कार्यालय ने गांधीजी की प्रतिमा को गवर्नर कार्यालय में स्थापित करने के लिए मिलकर काम किया. यह स्थान गांधीजी की विरासत को सम्मानित करने के लिए उपयुक्त माना गया. एक विशेष पहल के तहत, गवर्नर जिम पिलेन ने 6 दिसंबर को पूरे नेब्रास्का राज्य में “महात्मा गांधी स्मृति दिवस” घोषित करते हुए एक आधिकारिक घोषणा भी की.

शांति, अहिंसा और न्याय को मिली नई पहचान

यह दिन महात्मा गांधी के शांति, अहिंसा और न्याय के वैश्विक प्रतीक के रूप में उनकी भूमिका को मान्यता देता है. घोषणा में इस बात को भी स्वीकारा गया कि गांधीजी ने सत्य और मानव गरिमा के प्रति अपने अडिग संकल्प से दुनिया भर में अनेक व्यक्तियों और आंदोलनों को प्रेरित किया.

नेब्रास्का, भारतीय कॉन्सुलेट सिएटल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नौ राज्यों में से एक है, जिसमें वाशिंगटन, ओरेगन, इडाहो, मोंटाना, व्योमिंग, नॉर्थ डकोटा, साउथ डकोटा, नेब्रास्का और अलास्का शामिल हैं. यह आयोजन सिएटल सेंटर में स्पेस नीडल के पास गांधी प्रतिमा के अनावरण (2 अक्टूबर) के बाद आयोजित हुआ. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम ने महात्मा गांधी के शाश्वत सिद्धांतों और उनकी विरासत को और अधिक सशक्त रूप में सामने लाने का अवसर प्रदान किया.

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube