पाकिस्तान का पेशावर बना एमपॉक्स वायरस का केंद्र, खाड़ी से लौटा 47 वर्षीय शख्स संक्रमित

पाकिस्तान का पेशावर एमपॉक्स वायरस का केंद्र बन चुका है. रविवार को यहां पर   वायरस से जुड़ा पांचवां मामला सामने आया. यहां पर एक 47 वर्षीय शख्स संक्रमित पाया गया है. 29 अगस्त को सीमा स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों के परीक्षण करने के बाद पाया   गया कि वह सकारात्मक पाया गया. वह हाल ही में खाड़ी क्षेत्र से लौटा था.

रविवार को संघीय स्वास्थ्य महानिदेशक शबाना सलीम के हवाले से कहा गया,”इस साल (देश में) एमपीओएक्स का यह पांचवां मामला दर्ज किया गया है. डब्ल्यूएचओ की ओर  एमपॉक्स को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित होने के बाद यह चौथा मामला है.” उन्होंने कहा,”पेशावर में वायरस का फिर से उभरना इसके संचरण के बार में गंभीर   चिंता पैदा करता है और तुरंत कार्रवाई की मांग की गई.”

एमपीओक्स मामलों का केंद्र रहा

ऐसा प्रतीत होता है कि पेशावर एमपीओक्स मामलों का केंद्र रहा है. यह प्रवृत्ति चिंताजनक है और हम आगे प्रसार को रोकने के लिए अपने प्रयासों को दोगुना कर रहा है. सलीम ने सतर्कता के महत्व पर भी जोर दिया और बताया कि हाल के सभी मामलों में ऐसे व्यक्ति शामिल हैं, जिन्होंने खाड़ी क्षेत्र की यात्रा की थी. चौथे मामले की पहचान खैबर-पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में हुई. यहां अधिकारियों ने पहले तीन अन्य वायरस संक्रमणों की पुष्टि की थी.

एमपॉक्स क्या है?

एमपॉक्स, जिसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था, 50 वर्षों से अधिक समय    से अफ्रीका के कुछ हिस्सों में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा रहा है, लेकिन 2022 में    एक वैश्विक चिंता के रूप में फिर से सामने आया. 14 अगस्त को, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक नया स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया. वायरस का क्लैड 1बी’ स्ट्रेन, जिसके कारण इस वर्ष कांगो में 18,000 से अधिक संदिग्ध मामले और 615 मौतें हुई हैं, साथ ही अफ्रीका, स्वीडन और थाईलैंड सहित अन्य क्षेत्रों में अतिरिक्त मामले सामने आए हैं.

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube