पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते का बड़ा बयान, हत्यारा राजोआणा करे ऐसा तो दे देंगे माफी

पंजाब के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत बिट्टू ने कहा कि वह व उनका परिवार अपने दादा के हत्यारे को माफ कर सकता है, लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि हत्यारे को खालिस्तान का समर्थन छोड़कर भारतीय संविधान में आस्था व्यक्त करनी होगी। कांग्रेस सांसद बिट्टू का यह बयान उस समय सामने आया है जब बेअंत सिंह का हत्यारा बलवंत सिंह राजोआणा तीन दिन से पटियाला जेल में भूख हड़ताल पर बैठा है।पंजाब के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत बिट्टू ने कहा कि वह व उनका परिवार अपने दादा के हत्यारे को माफ कर सकता है, लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि हत्यारे को खालिस्तान का समर्थन छोड़कर भारतीय संविधान में आस्था व्यक्त करनी होगी। कांग्रेस सांसद बिट्टू का यह बयान उस समय सामने आया है जब बेअंत सिंह का हत्यारा बलवंत सिंह राजोआणा तीन दिन से पटियाला जेल में भूख हड़ताल पर बैठा है।   सांसद बिट्टू बोले- खालिस्तान का समर्थन छोड़ भारतीय संविधान में जताए आस्‍था तो प‍रिवार करेगा विचार  गत दिवस एसजीपीसी सदस्यों ने राजोआणा से हड़ताल खत्म करने को कहा, लेकिन राजोआणा ने साफ मना कर दिया। राजोआणा की मांग है कि उसे फांसी की सजा दी जाए, जिसे सरकार लागू नहीं कर रही। बता दें, बेअंत सिंह हत्याकांड में उसे फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। इस फैसले को लागू करने की मांग को लेकर वह हड़ताल पर है।  बिट्टू ने कहा कि 31 अगस्त, 1995 को हुए बम धमाके में उनके दादा के साथ-साथ 16 अन्य परिवार के सदस्य मारे गए थे। वह व पीड़ित परिवारों के लोग राष्ट्रपति व केंद्र सरकार के मंत्रियों से मिलकर सजा माफी की मांग करेंगे, लेकिन यह सब तब संभव हो पाएगा जब राजोआणा भारतीय कानून पर विश्वास करे और अपनी गलती को स्वीकार करे। हालांकि बिट्टू ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि राजोआणा एेसा करेगा।

सांसद बिट्टू बोले- खालिस्तान का समर्थन छोड़ भारतीय संविधान में जताए आस्‍था तो प‍रिवार करेगा विचार

गत दिवस एसजीपीसी सदस्यों ने राजोआणा से हड़ताल खत्म करने को कहा, लेकिन राजोआणा ने साफ मना कर दिया। राजोआणा की मांग है कि उसे फांसी की सजा दी जाए, जिसे सरकार लागू नहीं कर रही। बता दें, बेअंत सिंह हत्याकांड में उसे फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। इस फैसले को लागू करने की मांग को लेकर वह हड़ताल पर है।

बिट्टू ने कहा कि 31 अगस्त, 1995 को हुए बम धमाके में उनके दादा के साथ-साथ 16 अन्य परिवार के सदस्य मारे गए थे। वह व पीड़ित परिवारों के लोग राष्ट्रपति व केंद्र सरकार के मंत्रियों से मिलकर सजा माफी की मांग करेंगे, लेकिन यह सब तब संभव हो पाएगा जब राजोआणा भारतीय कानून पर विश्वास करे और अपनी गलती को स्वीकार करे। हालांकि बिट्टू ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि राजोआणा एेसा करेगा।

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