बांग्लादेश के बाद अब ब्रिटेन में जाने वाले भारतीयों के लिए जारी की गई एडवाइजरी, जानें क्या है वजह

ब्रिटेन में भड़की हिंसा के बीच लंदन स्थित भारतीय दूतावास ने इंग्लैड आने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है. जिसमें कहा गया है कि वह हिंसा वाले स्थानों पर जाने से बचें.

बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच भारतीयों के लिए एडवाइजरी कर बांग्लादेश की यात्रा न करने की सरकार ने अपील की. इसी बीच अब ब्रिटेन जाने वाला भारतीयों के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है. दरअसल, लंदन में भारतीय उच्चायोग ने मंगलवार को भारतीय यात्रियों को यूनाइटेड किंगडम में यात्रा करते समय सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी है.
बता दें कि ब्रिटेन में इनदिनों हिंसा भड़क गई है. जिसके चलते ब्रिटेन के कई शहरों में आगजगनी और प्रदर्शन हो रहे हैं. बता दें कि यह ब्रिटेन में एक दशक से भी अधिक समय में भड़के सबसे खतरनाक दंगे हैं. जहां हिंसक प्रदर्शनकारी कथित तौर पर प्रवासियों, विशेषकर मुसलमानों पर हमला कर रहे हैं.

ब्रिटेन की यात्रा करते वक्त सतर्क रहने की सलाह

भारतीय उच्चायोग ने यात्रा परामर्श में कहा कि भारतीय यात्रियों को स्थानीय समाचारों से अवगत रहना चाहिए और उन क्षेत्रों से बचना चाहिए जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. उच्चायोग ने कहा है कि, “लंदन में भारतीय उच्चायोग (दूतावास) स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है. भारत से आने वाले पर्यटकों को ब्रिटेन में यात्रा करते समय सतर्क रहने और उचित सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.”

ब्रिटेन में क्यों भड़की हिंसा की आग?

दरअसल, पिछले हफ्ते साउथपोर्ट में तीन युवा लड़कियों की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. जिसका फायदा अप्रवासी विरोधी और मुस्लिम विरोधी समूहों ने उठाया है. उन्होंने इन हत्याओं के बाद ऑनलाइन दुष्प्रचार करना शुरू कर दिया और दूर-दराज़ के लोगों ने इसे और बढ़ावा दिया.

इसके बाद देश के कई शहरों और छोटे कस्बों में हिंसा भड़क गई. ये हिंसा पिछले मंगलवार को उस दावे के बाद भड़की जब साउथपोर्ट में एक संदिग्ध कट्टरपंथी इस्लामवादी था. हालांकि, पुलिस का कहना है कि ब्रिटेन में जन्मे 17 वर्षीय संदिग्ध को आतंकवादी खतरे के रूप में नहीं माना जा रहा है. संदिग्ध के माता-पिता रवांडा से आए थे.

ब्रिटिश पीएम ने की हिंसा की निंदा

उन्होंने कहा कि उन सभी लोगों पर कानून की पूरी शक्ति से कार्रवाई की जाएगी जिनकी पहचान हिंसा में भाग लेने वाले के रूप में की गई है. ब्रिटेन के आंतरिक मंत्री यवेटे कूपर ने हिंसा की आलोचना करते हुए कहा कि इससे नस्लीय घृणा को बढ़ावा मिला है और यह आव्रजन संबंधी चिंताओं को बढ़ाती है. उन्होंने पुलिस पर हमलों की निंदा की और दंगों को अनुचित बताया.

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