ब्रिटिश कोर्ट से जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण की अनुमति देने का अमेरिका ने किया आग्रह

लंदन। जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे विकीलीक्स संस्थापक जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण संबंधी एक न्यायाधीश के फैसले को बदलने का अमेरिका ने बुधवार को ब्रिटेन के हाई कोर्ट से आग्रह किया। न्यायाधीश ने जूलियन असांजे को जासूसी के आरोपों का सामना करने के लिए अमेरिका नहीं भेजने का फैसला सुनाया था। अमेरिका ने वादा किया कि दोषी साबित होने पर असांजे अपने मूल देश आस्ट्रेलिया में सजा काट सकेंगे।

ब्रिटेन के जिला जज वानेसा बरैट्सर ने जनवरी में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा था कि अगर असांजे को अमेरिकी जेल में कठिन हालात में रखा गया तो वह आत्महत्या कर सकते हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने प्रत्यर्पण की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। असांजे पर एक दशक पुराना गोपनीय सैन्य दस्तावेजों प्रकाशित करने का आरोप है। असांजे पर जासूसी के आरोप लगाए गए हैं।

अमेरिकी सरकार के वकील जेम्स लेविस ने जिला जज के फैसले को गलत बताया है। उन्होंने बचाव पक्ष की इन दलीलों को खारिज कर दिया कि असांजे राजनीतिक रूप से प्रेरित अमेरिकी अभियोजन का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी न्याय प्रणाली में उनके मामले में निष्पक्ष सुनवाई होगी। अमेरिका के अधिकारियों ने वादा किया था कि असांजे पर किसी उच्चस्तरीय सुरक्षा वाली सुपरमैक्स जेल में मुकदमा नहीं चलेगा। उन्हें अलग-थलग रखने वाली कठिन परिस्थितियों का सामना नहीं करना होगा और दोषी साबित होने पर वह आस्ट्रेलिया में सजा काट सकेंगे।

विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिका में जासूसी के 17 आरोपों और कंप्यूटर दुरुपयोग के एक आरोप का सामना करना पड़ रहा है। अगर यह आरोप साबित होते हैं तो उनको अधिकतम 175 वर्ष जेल की सजा हो सकती है।

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