रोहित शर्मा ने फिट होने के लिए किया बड़ा पाव का त्याग

रोहित शर्मा की फिटनेस काफी बदली हुई दिख रही है। वह पहले से काफी ज्यादा लीन नजर आ रहे हैं और फिट लग रहे हैं। उनके करीबी दोस्त अभिषेक नायर ने बताया है कि रोहित ने ऐसी फिटनेस पाने के लिए क्या-क्या कुर्बानी दी है।

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस इस समय भारतीय क्रिकेट में चर्चा का विषय है। रोहित को उनके ओवरवेट के लिए जमकर ट्रोल किया जाता था और सोशल मीडिया पर भी जमकर मजाक बनाया जाता था। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले उन्होंने सब कुछ बदल दिया और ऐसी फिटनेस हासिल की जिसको देख हर कोई हैरान रह गया।

उनके साथ लंबा समय बिताने वाले और उनको एक क्रिकेटर के दौर पर सुधारने वाले अभिषेक नायर ने बताया है कि रोहित ने ये सब कैसे किया। अभिषेक मुंबई के ही हैं और रोहित के अच्छे दोस्त माने जाते हैं। उनको एक क्रिकेटर के तौर पर बदलने में अभिषेक ने काफी कुछ किया है फिर चाहे वो क्रिकेट ट्रेनिंग हो या फिटनेस।

बदल दिया सब कुछ

जियोस्टार पर बात करते हुए अभिषेक ने बताया कि रोहित ने आठ सप्ताह में कैसे अपनी फिटनेस बदल दी। उन्होंने कहा, “अगर बहुत कम शब्दों में बताऊं तो हर दिन तीन घंटे की ट्रेनिंग होती थी। हम कार्डियो नहीं करते थे। शुरुआती पांच सप्ताह पूरे बॉलीबिल्डर माइंडसेट के थे जहां वो अपने आप को पूरी तरह से पतला करने पर ध्यान दे रहे थे। वह बॉडीबिल्डर की तरह ट्रेनिंग कर रहे थे।”

उन्होंने कहा, “ये कई लोगों को हैरान कर देगा। टीम इंडिया के स्टैंग्थ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियान ले रोक्स मुझे गाली देंगे, लेकिन उन्होंने हर बॉडी पार्ट के लिए हर दिन 700 से 800 रैप किए थे। हमारा हर दिन एक से डेढ़ घंटे का सेशन होता था। सोचिए आप चेस्ट और ट्राइसेप्स कर रहे हैं और 800 रैप के साथ अंत करते हैं। हल्के वेट के साथ हम काफी सारे रिपिटेशन करते थे। इसके अलावा हम 15-20 मिनट क्रॉस फिट करते थे जो कार्डियो और मूवमेंट बेस्ड रहता है। ये हम सप्ताह के छह दिन करते थे। तीन घंटे हर, तीन महीने तक।”

छोड़ दिया बड़ा पाव

नायर ने बताया कि रोहित ने सिर्फ ट्रेनिंग पर ध्यान नहीं दिया बल्कि अपनी डाइट पर भी काफी कंट्रोल किया। उन्होंने कहा, “लेकिन बात यहां खत्म नहीं होती। उन्होंने अपने खाने की आदत को भी कंट्रोल किया। वह अपने घर जाकर भी अपनी पसंदीदा चीजें जिसमें बड़ापाव शामिल है नहीं खाते थे। वह उनका कमिटमेंट था। वो तीन घंटे तभी काम करते जब आप बाकी के 21 घंटे अपने आप को कंट्रोल करो।”

‘मैं उड़ रहा हूं’

नायर ने बताया कि जब फिटनेस पर काम खत्म हुआ तो वह क्रिकेट ट्रेनिंग पर आए और जो उनका रिएक्शन था वो हैरान करने वाला था। नायर ने कहा, “ट्रेनिंग के बाद हमने स्किल्स पर ध्यान दिया और देखना चाहते थे कि उनके मूवमेंट में क्या बदलाव हुआ है। पहली बार जब उन्होंने प्रैक्टिस की और एक डिफेंसिव शॉट खेला। उस दिन हम ड्रॉप एंड रन अभ्यास कर रहे थे। शॉट खेलकर जब वह नॉन स्ट्राइकर छोर पर भागकर गए तो उनका रिएक्शन था, ‘भाई मैं तो उड़ रहा हूं।’ वह काफी समय बाद हल्का महसूस कर रहे थे।”

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube