
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ दावोस में ‘इन्वेस्ट इन इंडिया: मध्यप्रदेश-एक रणनीतिक निवेश केंद्र’ पर आयोजित राउंडटेबल मीटिंग में मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख और उभरते निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में ऑटोमोबाइल, नवकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र, आईटी-आईटीईएस, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क जैसे क्षेत्रों में निवेश के व्यापक अवसरों की जानकारी दी साथ ही अंतर्राराष्ट्रीय एवं घरेलू निवेशकों से इन क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही नीतिगत सहायता और विभिन्न प्रोत्साहनों की जानकारी भी साझा की।
रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों को मिलेगा विशेष सहयोग
मध्यप्रदेश सरकार निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सुगम व्यापार वातावरण (ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस) पर केंद्रित नीतियों के माध्यम से विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने राज्य की सुदृढ़ अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और जल, भूमि, श्रम और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता को निवेशकों के लिए बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उन उद्योगों और व्यवसायों को विशेष सहयोग देगी, जो मध्यप्रदेश में रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि किसी निवेश प्रस्ताव को विशेष या अनुकूलित समर्थन की आवश्यकता होगी, तो निवेश प्रोत्साहन के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति (कैबिनेट कमेटी फॉर इन्वेस्टमेंट प्रमोशन) ऐसे प्रस्तावों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी।
निवेशकों ने नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने सुझाव साझा किए
राउंडटेबल चर्चा में शामिल निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने पर्यटन, मनोरंजन, डिजाइन, नवकरणीय ऊर्जा, निर्यात, रसायन, अल्कोहल, टेक्सटाइल पार्क, वित्तीय क्षेत्र, आईटी–आईटीईएस, जीसीसी और बौद्धिक संपदा जैसे क्षेत्रों में नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर अपने सुझाव साझा किए। इनमें जिरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ, हिताची इंडिया के कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. भारत कौशल, एमोविया की सह-संस्थापक एवं सीईओ सुश्री कैरन बाएर्ट, एंटोरा एनर्जी के सीईओ एंड्रयू पोर्निक, AB InBev के ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) एंड्रिस पेनेटा, न्यू दिल्ली हब के संस्थापक एवं अध्यक्ष ईशान प्रताप सिंह, एचसीएल टेक्नोलॉजीज के ग्लोबल सीटीओ कल्याण कुमार शामिल रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार निवेश अनुकूल नीतियों के माध्यम से मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।



