
भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के उलट अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस में पहली बार इफ्तार का आयोजन करेंगे. कोविंद ने इस बार राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी नहीं देने का फैसला किया है. हालांकि ट्रम्प की मुस्लिम विरोधी टिप्पणियों का हवाला देकर कई मुस्लिम संगठनों ने इसका बहिष्कार करने का फैसला किया है. पिछले साल ट्रम्प ने कई दशक से जारी सालाना इफ्तार पार्टी की परंपरा खत्म कर दी थी. 1990 के दशक में बिल क्लिंटन ने इसकी औपचारिक शुरुआत की थी, हालांकि इसकी वैचारिक जड़ें साल 1805 में थॉमस जेफरसन से भी जुड़ी हैं.
व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है कि ट्रम्प इस साल इफ्तार कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे. हालांकि अधिकतर मुस्लिम नागरिक संगठनों ने इसे लेकर हैरानी जताई है. कार्यक्रम आज रात आयोजित होगा. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने कहा , ‘‘अलग-अलग समुदायों से वहां उपस्थित करीब 30-40 लोग इसमें शामिल होंगे.’’
भारत के राष्ट्रपति नहीं देंगे इफ्तार पार्टी
भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस बार राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी नहीं देने का फैसला लिया है. पिछले दस सालों में पहली बार ऐसा हो रहा है कि राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी नहीं होगी. बताया जा रहा है कि कोविंद ने तय किया है कि पब्लिक बिल्डिंग (राष्ट्रपति भवन) में टैक्स देने वालों के पैसे से कोई धार्मिक पर्व या उत्सव नहीं मनाया जाएगा. पिछले कई सालों से राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी देने की परंपरा थी. हालांकि इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी 2002-2007 के बीच इफ्तार पार्टी नहीं दी थी.



