सुशील मोदी के बयान पर लालू का पलटवार जानिये क्या बोला लालू ने

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने गया में अपराधियों को लेकर जो बयान दिया उसपर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर तंज कसा है और कहा है कि हाथ-गोड़ कुछउ जोड़, अपराधियों के चरण धोकर उनका चरणामृत भी पी लो, अरे शर्म करो…

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने गया में अपराधियों को लेकर जो बयान दिया उसपर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर तंज कसा है और कहा है कि हाथ-गोड़ कुछउ जोड़, अपराधियों के चरण धोकर उनका चरणामृत भी पी लो, अरे शर्म करो...  लालू ने अागे लिखा कि "क्रिमिनल्स के आगे मिमियाने और गिड़गिड़ाने से नहीं, शासन रौब से चलता है.... तोहार लोगन के इक़बाल ख़त्म बा...चोर दरवाज़े से राज-काज में घुसल है ना, सो दुनो में नैतिक बल अउर आत्मविश्वास की कमी रहल.."  सुशील मोदी का बयान अब उनकी गले की फांस बनता जा रहा है। पितृ पक्ष मेले के उद्घाटन के दौरान सुशील मोदी ने कहा कि वो हाथ जोड़ कर अपराधियों से 15-16 दिन शांति बनाए रखने का अनुरोध करते हैं।  अब सुशील मोदी से सवाल पूछा जा रहा है कि क्या नीतीश कुमार सरकार अपराध पर लगाम लगाने में विफल हो गई है। लालू यादव ने ट्वीट के जरिए यहां तक कह दिया कि आने वाले समय में शायद अपराधियों का चरणामृत पीने की नौबत न आ जाए।  दरअसल, मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार की एके-47 से हत्या के ठीक दो दिन बाद सुशील मोदी के इस बयान को राजनीतिक हलको में शासकीय कमजोरी के तौर पर देखा जा रहा है। पटना में मंगलवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने सुशील मोदी से उनके बयान पर सवाल दागे लेकिन वो बचते हुए निकल गए।

लालू ने अागे लिखा कि “क्रिमिनल्स के आगे मिमियाने और गिड़गिड़ाने से नहीं, शासन रौब से चलता है…. तोहार लोगन के इक़बाल ख़त्म बा…चोर दरवाज़े से राज-काज में घुसल है ना, सो दुनो में नैतिक बल अउर आत्मविश्वास की कमी रहल..”

सुशील मोदी का बयान अब उनकी गले की फांस बनता जा रहा है। पितृ पक्ष मेले के उद्घाटन के दौरान सुशील मोदी ने कहा कि वो हाथ जोड़ कर अपराधियों से 15-16 दिन शांति बनाए रखने का अनुरोध करते हैं।

अब सुशील मोदी से सवाल पूछा जा रहा है कि क्या नीतीश कुमार सरकार अपराध पर लगाम लगाने में विफल हो गई है। लालू यादव ने ट्वीट के जरिए यहां तक कह दिया कि आने वाले समय में शायद अपराधियों का चरणामृत पीने की नौबत न आ जाए।

दरअसल, मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार की एके-47 से हत्या के ठीक दो दिन बाद सुशील मोदी के इस बयान को राजनीतिक हलको में शासकीय कमजोरी के तौर पर देखा जा रहा है। पटना में मंगलवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने सुशील मोदी से उनके बयान पर सवाल दागे लेकिन वो बचते हुए निकल गए।

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