अमेरिकी कोर्ट सिस्टम पर ट्रंप का आरोप, बोले- सुप्रीम कोर्ट हमें सुनने को तैयार नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनावों को लेकर अमेरिकी कोर्ट सिस्टम पर हमला बोला है। ट्रंप ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट उनका पक्ष सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह स्वीकार नहीं कर सकते कि चुनाव में उनकी हार हुई है।

चुनाव नतीजों के बाद अपने पहले टीवी इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘हम सुबूत पेश करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जज अनुमति नहीं दे रहे। हमारे पास कई प्रमाण हैं। हमें सुबूत पेश नहीं करने दिया जा रहा। मैं इस संबंध में मुकदमा दायर करूंगा। हमारे पास हजारों एफिडेविट हैं।’ ट्रंप ने कहा कि वह किसी भी हाल में यह नहीं मान सकते कि वह चुनाव हार गए हैं। चुनावों में बहुत धांधली हुई है। उन्होंने कहा, ‘चुनाव में हुई धांधलियों के खिलाफ मैं हर कानूनी रास्ता अपनाऊंगा। इस मामले में मैं अपनी 125 प्रतिशत ताकत लगा दूंगा।’

इस बीच, विस्कांसिन में वोटों की दोबारा गिनती पूरी हो चुकी है। मामूली बदलाव के साथ डेमोक्रेट जो बाइडन ने यहां ट्रंप को हरा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद डोनाल्ड ट्रंप का यह पहला इंटरव्यू था। चुनाव में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन विजेता के रूप में उभरे हैं। बिडेन अब सत्ता हस्तांतरण योजना के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

बता दें कि इससे पहले यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स ने पेंसिलवेनिया में तीन नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के दौरान हुई कथित धोखाधड़ी मामले में ट्रंप की टीम की कानूनी चुनौती को खारिज कर दिया था। ट्रंप ने कहा है कि उनके कैंपेन द्वारा चुनौती दी जा रही मतपत्रों की संख्या जीत के अंतर (81 हजार) की तुलना से कहीं अधिक ज्यादा है।

दूसरी तरफ अमेरिका में कई गवर्नर एवं विधायक वाशिंगटन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए छोटे कारोबारियों, बेरोजगारों, किराए पर रहने वालों और उन लोगों को मदद पहुंचाने के प्रयास कर रहे हैं, जिनकी आजीविका कोरोना वायरस के कारण प्रभावित हुई है।

न्यू मैक्सिको और कोलाराडो के डेमोक्रेटिक गवर्नरों ने संक्रमण संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया। इस सप्ताह की शुरुआत में न्यू मैक्सिको विधानपालिका ने एक द्विदलीय राहत विधेयक पारित किया, जिसके तहत सभी बेरोजगार कर्मियों को 1,200 डॉलर की एकमुश्त राशि और कुछ व्यवसायों को 50,000 डॉलर तक की राशि दी जाएगी।

 

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