उत्तराखंड: नगरपालिका के कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर अड़े कार्यबहिष्कार पर

वित्तीय संकट से जूझ रही नगरपालिका की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही। आश्वासन मिलने के बाद पालिका बोर्ड ने धरना तो खत्म कर दिया, लेकिन कर्मचारी अभी भी अपनी मांगों को लेकर कार्यबहिष्कार पर अड़े हुए है। कर्मचारियों ने एलान किया है कि जब तक तीन माह का वेतन, पेंशन और अन्य कटौतियों का भुगतान नहीं किया गया कार्यबहिष्कार इसी तरह जारी रहेगा।

सोमवार को पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी, ईओ अशोक वर्मा ने कर्मचारियों के साथ बैठक कर वार्ता की। बातचीत के दौरान ईओ ने दो माह का वेतन देने का आश्वासन दिया तो कर्मचारी भड़क गए। इस बीच ईओ और कर्मचारियों के बीच गहमा गहमी भी हो गयी। इस बीच कर्मचारियों ने पालिका प्रबंधन पर मासिक ग्रांट का गबन करने तक के आरोप भी जड़ गए। कर्मचारियों ने कहा कि शासन की ओर से अक्टूबर तक की ग्रांट जारी कर दी गयी है। जबकि कर्मचारियों को जुलाई माह से वेतन और पेंशन का भुगतान नही हुआ है।

अब अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर पालिका प्रबंधन दो माह का वेतन देना चाहता है। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक तीन माह का वेतन, पेंशन और कटौतियों का भुगतान नही किया जाता कार्यबहिष्कार इसी तरह जारी रहेगा। इस दौरान सयुक्त मोर्चा संयोजक ओम प्रकाश चौटाला, दिनेश कटियार, सुनील खोलिया, महेंद्र सिलेलान, अमित सहदेव, ईश्वरी दत्त बहुगुणा, रीतेश कपिल, हंसा बहुगुणा, मोहन चिलवाल, हिमांशु चंद्रा, कमल कटियार, कमल सिलेलान आदि मौजूद रहे।

कूड़ा न उठने से शहर का बुरा हाल

तीन दिन से सफाई कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार पर जाने से शहर की सफाई व्यवस्था लड़खड़ा गयी है। जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर लग गए है। जिससे लोगों का राह से गुजरना दूभर हो गया है।

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