उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्य प्रदेश में बढ़ाई कंपकंपी

मध्यप्रदेश में ठंड ने अपने तेवर और तीखे कर लिए हैं। प्रदेश के 31 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के चलते कई जिलों में दिन का तापमान भी 25 डिग्री से नीचे बना हुआ है। सर्द हवा और घने कोहरे ने आम जनजीवन के साथ-साथ रेल यातायात को भी प्रभावित किया है। राजधानी, झेलम, मालवा सहित कई प्रमुख ट्रेनें तय समय से घंटों देरी से चल रही हैं।

उत्तरी हवाओं का सीधा असर मध्यप्रदेश पर
हिमालय क्षेत्र में सक्रिय रहा पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ गया है, जिससे उत्तरी हवाओं का सीधा असर मध्यप्रदेश पर दिखने लगा है। इसी कारण प्रदेश में सर्दी का प्रकोप अचानक बढ़ गया है। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी इस समय सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है, जहां रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। गुरुवार-शुक्रवार की रात यहां न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री तक गिर गया, जिससे ओस की बूंदें जमने लगीं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवाओं की दिशा में हल्का बदलाव संभव है। इसके चलते न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन प्रदेश के अधिकांश शहरों में रातें अभी भी सर्द बनी रहेंगी और तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहेगा।

प्रति-चक्रवात का असर मालवा क्षेत्र में
गुजरात में बने प्रति-चक्रवात का असर मालवा क्षेत्र में देखने को मिला है, जिससे इंदौर सहित कुछ शहरों में रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि हवाओं के साथ नमी बढ़ने से कई इलाकों में कोहरे का असर और गहरा सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिसंबर के आखिरी दिनों तक ठंड और कोहरे का यह दौर जारी रह सकता है।

कोहरे ने बिगाड़ी रेल सेवाएं
शुक्रवार सुबह भोपाल, मंडला, रीवा, सतना, पचमढ़ी, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, अशोकनगर, झाबुआ, खंडवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर और सीहोर समेत कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। इसके कारण दिल्ली से भोपाल और इंदौर-उज्जैन की ओर आने वाली कई ट्रेनें काफी देरी से पहुंचीं। शनिवार सुबह भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा देखा गया। कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित है और सुबह-शाम लोग अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।

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