कितने और भागीरथपुरा: नैनोद मल्टी में सांस लेना भी मुश्किल

शहर ने देशभर में स्वच्छता में नाम रोशन किया, लेकिन भागीरथपुरा दूषित पानी कांड के बाद कई इलाकों में इसी तरह की शिकायतें मिल रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों के लोग दूषित पानी की समस्याओं पर खुलकर बोल रहे हैं। गांधीनगर के समीप नैनोद क्षेत्र में बनी नगर निगम द्वारा बनाई गई बहुमंजिला इमारतों में लगभग 5000 लोग रहते हैं। ये लोग पिछले 10 से 15 साल से गंदगी और विभिन्न समस्याओं से जूझते हुए जीवन गुजार रहे हैं। यहां पीने के पानी की लाइनें सीवेज लाइनों के बीच से गुजरती हैं और पानी में भी सीवेज का गंदा पानी मिला आता है। कई जगह सीवेज और गंदगी इतनी अधिक है कि सांस लेना भी मुश्किल है। इतने बदतर हालातों में यहां के लोग जीवन गुजारने को मजबूर हैं।

बच्चे गंभीर रूप से बीमार

नैनेद मल्टी में दूषित पानी के सेवन से उल्टी, दस्त, पेट दर्द और टाइफाइड जैसी बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। अस्पतालों में लगातार यहां के मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक संख्या में हैं। स्थानीय रहवासी रुख्साना बी ने बताया कि यहां पर सांस लेना भी मुश्किल है। हर जगह सीवेज का गंदा पानी भरा हुआ है और इसी के बीच हम जी रहे हैं। यहां का जीवन नर्क से भी बदतर है। शिकायत करके हम थक चुके हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। हम बच्चों का इलाज करवाकर थक चुके हैं और अब इसी हालात में रहने का मजबूर हैं।

कब तक पीने का पानी खरीदते रहेंगे

पिछले 10 से यहां रह रहे धम्मापाल इंगड़े ने कहा कि जबसे नगर निगम ने यहां पर हमें फ्लैट बनाकर दिए हैं, तभी से ये हालात हैं। पिछले एक महीने से पीने का पानी तक नहीं मिला है। पहले भी गंदा पानी आता था जो पीने लायक नहीं होता था, हम उबालकर या दवा डालकर पीते थे। अब तो हालात यह हैं कि हमें पानी भी खरीदकर पीना पड़ रहा है। धम्मापाल ने कहा कि गरीब इंसान कब तक पानी खरीदकर पीता रहेगा। मजबूरी में वह गंदा पानी पीने लगता है और फिर बीमार होने लगता है। यहां पर अधिकतर लोग बीमार हैं। गंदगी के कारण गलियों में निकलना मुश्किल है और ऊपर से पीने का पानी भी जहर जैसा आ रहा है।

चारों तरफ गंदगी का अंबार
सड़कों पर जमा सीवेज का पानी और खुले मैनहोल क्षेत्र की बड़ी समस्या हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुरानी पाइपलाइनें जगह-जगह से फूट चुकी हैं, जिसके कारण पीने के पानी की लाइन में गंदा पानी मिल रहा है। क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जगह-जगह कचरे के ढेर बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं।

टैंकरों से पानी पहुंचा रहे : कमिश्नर
नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल का कहना है कि हमें जहां से भी गंदे पानी की शिकायतें मिल रही हैं, हम वहां पर तुरंत काम कर रहे हैं। प्रारंभिक चरण में टैकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है और नर्मदा और ड्रेनेज की लाइनें भी बदली जा रही हैं।

जल्द समस्याएं सुलझाएंगे : विधायक
वहीं, क्षेत्रीय विधायक मनोज पटेल ने क्षेत्र के लोगों को आश्वासन दिया है कि वे व्यक्तिगत रूप से वहां की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। जल्द ही क्षेत्र की सभी समस्याएं सुलझा दी जाएंगी।

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