केन्द्रीय शिक्षामंत्री प्रधान और मुख्यमंत्री धामी ने विद्या समीक्षा केंद्र का किया शुभारंभ

देहरादून। केन्द्रीय शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को ननूरखेड़ा स्थित विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय के परिसर में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत विद्या समीक्षा केंद्र सहित अन्य कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर शिक्षा व उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, राज्यसभा सदस्य नरेश बंशल, रायपुर विधायक उमेश शर्मा, विद्यालय शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

केंद्रीयमंत्री ने प्रदेश के 141 पीएम-श्री स्कूल्स व 320 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावासों, श्रीनगर और टनकपुर का शिलान्यास किया। इसके अलावा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेड़ी शिकोहपुर के विद्यालय उच्चीकरण (152.लाख रुपये) और समग्र शिक्षा वर्ष 2023-24 के अंतर्गत स्वीकृत जनपद ऊधम सिंह नगर में नेताजी सुभाष चन्द्र बोष आवासीय छात्रावास गदरपुर के उच्चीकरण (320 लाख रुपये) के भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मेधावी छात्रवृत्ति योजना और उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का विधिवत शुभारम्भ किया किया। इसके अतिरिक्त एनडीए, आईएमए कैडेट पुरस्कार योजना के तहत राज्य से इस वर्ष चयनित कुल 77 कैडेट्स को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक भी वितरित किए गए।

प्रदेश के शिक्षामंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि केन्द्र सरकार के सहयोग से शिक्षा के साथ-साथ बेहतर मॉनिटिरिंग व शिक्षा के कम्प्यूटरीकरण को लेकर विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। प्रथम चरण में स्वीकृत 141 पीएम-श्री स्कूल्स और 320 लाख की लागत से नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावासों टनकपुर का शिलान्यास किया। जिनके निर्माण के लिए केन्द्र सरकार ने इसी वित्तीय वर्ष में 7291.42 लाख की स्वीकृति देते हुए प्रथम किस्त 1823 लाख रुपये जारी कर दी है। द्वितीय चरण के पीएम-श्री स्कूल्स की स्वीकृति शीघ्र मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि 6 से 12 आयु वर्ग के गरीब एवं असहाय छात्र-छात्राओं के लिए तीन नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावासों का शिलान्यास भी किया गया है। यह श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल), ऊधमसिंह नगर एवं चम्पावत में खोले जाएंगे। प्रदेश के 11 जनपदों में आवासीय छात्रावास पूर्व से ही चल रहे हैं। इनमें लगभग तीन हजार छात्र-छात्राएं रह रहे हैं। नए तीन आवासीय छात्रावासों के तैयार होने के उपरांत राज्य में कुल 13 आवासीय छात्रावास होंगे। इनमें से तीन छात्राओं और 10 छात्रों के लिये अनुमन्य हैं।

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