घाटों पर तैनात रहे गंगा सेवा दूत, नदी की स्वच्छता पर रहा खास फोकस

महाकुम्भ नगर, 13 जनवरी। महाकुम्भ के पहले दिन पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर घाटों की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में गंगा सेवा दूत तैनात रहे। घाटों पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा पूजा अर्चना के दौरान जैसे ही पुष्प अर्पित किए जाते, ये गंगा सेवा दूत तुरंत उसे निकालकर नदी को साफ कर देते। गंगा और यमुना की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए करीब 2000 गंगा सेवा दूतों को सभी सेक्टर्स में बने घाटों पर नियुक्त किया गया है। इन सभी गंगा सेवा दूतों को मेला प्रशासन की ओर से भी ट्रेन्ड भी किया गया है। महाकुम्भ के पहले दिन सभी गंगा सेवा दूत अपनी नियत ड्यूटी पर तैनात रहे और श्रद्धालुओं के लिए नदियों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे।

स्काउट एंड गाइड के वॉलंटियर्स भी दिखे तत्पर

इनकी मदद के लिए स्काउट एंड गाइड के भी युवक एवं युवतियां तत्परता से तैयार नजर आए। ये युवक एवं युवतियां स्वयं सेवा के तहत घाटों पर मुस्तैदी से कार्य करते दिखे। सोनभद्र के स्काउट एंड गाइड आरिफ ने बताया कि 9 जनवरी से ही वो और उनकी टीम यहां पर आ गए हैं। उनकी टीम में मिर्जापुर, वाराणसी से भी स्काउट एंड गाइड हैं। कुल मिलाकर 91 लोग स्वयं सेवा में लगे हुए हैं। इसके लिए उन्हें बाकायदा ट्रेनिंग भी दी गई है। 45 दिनों में कुल 10 हजार 200 स्काउट एंड गाइड पूरे महाकुम्भ में अपनी सेवाएं देंगे। हर हफ्ते 250-250 लोग यहां पर पहुंचेंगे। उनके रहने और खाने-पीने के लिए प्रशासन की ओर से सेक्टर 6 में व्यवस्था की गई है।

घाट पर पुलिसकर्मियों ने भी निभाई जिम्मेदारी

घाटों की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए मेला प्रशासन की ओर से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। स्नान संपन्न होने के बाद श्रद्धालु ज्यादा देर तक घाट पर न बने रहें, इसकी जिम्मेदारी पुलिसकर्मियों की है। वो स्नान कर चुके श्रद्धालुओं को वापस घाट से जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, ताकि जो श्रद्धालु स्नान के लिए आ रहे हैं उन्हें भी घाट खाली मिले। इसके लिए पूरे दिन पुलिसकर्मी सक्रियता से काम करते रहे।

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