चिकित्सकों को आपत्ति है कि फिल्म के टाइटल के जरिए मनोरोग और मनोरोगियों को अमानवीय तरीके से दिखाया गया

अभिनेत्री कंगना रनोट और अभिनेता राजकुमार राव की आने वाली फिल्म ‘मेंटल है क्या’ अपने टाइटल एवं कंटेंट को लेकर विवादों में घिरती जा रही है। फिल्म के टाइटल को लेकर राजस्थान के चिकित्सकों ने भी विरोध किया है।

चिकित्सकों कहना है कि मेंटल शब्द और जो कहने का अंदाज है वह मानसिक रोग की परेशानियों को झेल रहे लोगों की हंसी उड़ाता है। फिल्म मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून -2017 की धाराओं का उल्लंघन करती नजर आती है।

चिकित्सकों को आपत्ति है कि फिल्म के टाइटल के जरिए मनोरोग और मनोरोगियों को अपमानजनक, भेदभावपूर्ण और अमानवीय तरीके से दिखाया गया है। इंडियन साइकेट्री सोसायटी ने फिल्म के कंटेंट को लेकर आपत्ति दर्ज की है। सोसायटी ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) को पत्र लिखकर कहा है कि कंगना रनोट और राजकुमार राव ने मेंटल है क्या के पोस्टर मनोरोग को गलत तरीके से पेश किया है।

एकता कपूर के प्रोडक्शन में यह फिल्म बनी है। मेंटल हैल्थ पॉलिसी के चेयरमेन और जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष (साइकेट्री) डॉ.आर.के.सोलंकी का कहना है कि फिल्म का टाइटल बदलना चाहिए, जिससे मानसिक रोगियों पर किसी तरह का बुरा प्रभाव नहीं पड़े। डॉ.सोलंकी ने बताया कि देश के हर नागरिक के लिए मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून 2017 का पालन करना आवश्यक है । उन्होंने कहा कि वे देशभर के मनोचिकित्सकों एवं सामाजिक संगठनों से संपर्क कर रहे है ।

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