नए साल में महंगी हो जाएंगी मारुति सुजुकी की कारें

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने जनवरी 2020 से अपने कारों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है. कंपनी ने कहा है कि पिछले एक साल में कच्चे माल की बढ़ती लागत की वजह से कंपनी को कीमतें बढ़ाने को मजबूर होना पड़ा है. हालांकि कंपनी ने अभी यह खुलासा नहीं किया कि कीमतों में कितना इजाफा होगा.

स्टॉक एक्सचेंज एनएसई और बीएसई को दी गई जानकारी में मारुति सुजुकी ने कहा है कि अलग-अलग मॉडल की कीमतों में बढ़त अलग-अलग होगी.

क्या कहा कंपनी ने

कंपनी ने कहा, ‘आपको यह बताना चाहते हैं कि कच्चे माल की कीमतें बढ़ने की वजह से पिछले एक साल में कंपनी के वाहनों की लागत पर काफी विपरीत असर पड़ा है. इसलिए अब यह कंपनी के लिए मजबूरी हो गई है कि इस अतिरिक्त लागत का कुछ हिस्सा जनवरी 2020 तक विभिन्न मॉडलों की कीमतें बढ़ाकर ग्राहकों के ऊपर डाला जाए. यह कीमत बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल की कीमतों में बढ़त अलग-अलग होगी.’ 

बिक्री में गिरावट से बढ़ी परेशानी

गौरतलब है कि बिक्री में गिरावट की वजह से भारतीय ऑटो सेक्टर पिछले एक साल से मुश्किलों से जूझ रहा है. पिछले कई महीनों से मारुति की बिक्री में भी गिरावट देखी जा रही है. फेस्ट‍िव सीजन की वजह से अक्टूबर में बिक्री में 2.3 फीसदी की बढ़त जरूर देखी गई थी, लेकिन नवंबर में फिर उसके यात्री कारों की बिक्री में 3.3 फीसदी की गिरावट आई है.

यही नहीं, टाटा मोटर्स, होंडा कार्स, आयशर मोटर्स, महिंद्रा जैसी अन्य प्रमुख कंपनियों की भी नवंबर की बिक्री में गिरावट आई है.

क्या है इंडस्ट्री की हालत

ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि अभी बिक्री में सुधार की गुंजाइश कम ही है, क्योंकि अप्रैल में बीएस-6 मानक का पालन करने की डेडलाइन है. अगले साल 1 अप्रैल के बाद बीएस 4 मॉडल की कोई गाड़ी नहीं बिक पाएगी. नए उत्सर्जन मानक के पालन की वजह से भी ऑटो कंपनियों की लागत काफी बढ़ गई है.

 नवंबर में मारुति ने 1,50,630 वाहन बेचे हैं, जबकि पिछले साल नवंबर में मारुति ने 1,53,539 वाहन बेचे थे. इस दौरान कंपनी की घरेलू बिक्री में 1.6 फीसदी की गिरावट आई है

इससे पहले कई महीनों से लगातार मंदी से जूझ रहे ऑटो सेक्टर के लिए फेस्टिव सीजन कुछ राहत लेकर आया था. नवरात्र से लेकर धनतेरस तक गाड़ियों की बिक्री में अच्छी तेजी देखी दे गई है. उम्मीद की जा रही थी कि ऑटो सेक्टर में जो तेजी आई वो आगे भी कायम रहेगी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. अक्‍टूबर महीने में पैसेंजर व्‍हीकल्‍स यानी यात्री वाहनों की बिक्री 0.28 फीसदी बढ़कर 2,85,027 वाहन पर पहुंच गई थी.

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