पंजाब की हार के बाद हुआ विवाद, टीम की को-ओनर प्रीति जिंटा भी हुई नाराज, मैच रेफरी से की शिकायत

इंडियन प्रीमियर लीग के दूसरे दिन ही विवाद पैदा हो गया है। रविवार को दिल्ली कैपिटल्स और किंग्स इेलवन पंजाब के बीच खेले गए मुकाबले का फैसला सुपर ओवर से किया गया। लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब के बल्लेबाज निकोलस पूरन द्वारा लिए गए एक रन को अंपायर नितिन मेनन ने शॉट रन करार दिया था जिसको लेकर विवाद हो रहा है।

रविवार को खेले गए एक बेहद ही रोमांचक मुकाबले में दिल्ली और पंजाब के बीच खेला गया मैच टाई हो गया। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 157 रन बनाए थे। पंजाब की टीम भी निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 157 रन ही बना पाई। मैच टाई हुई ओर सुपर ओवर में दिल्ली ने पंजाब द्वारा दिए गए 3 रन के लक्ष्य का हासिल कर जीत दर्ज की।

माना जा रहा है कि मैच के दौरान अंपायर की गलती की वजह से यह मैच टाई तक पहुंचा। पंजाब को एक रन शॉट दिया गया अगर वह रन स्कोर में जुड़ता तो मैच पंजाब के हक में जाता। हालांकि फैसले से वाकई मैच पर कितना फर्क पड़ता यह कहना मुश्किल है।

इस मामले में पंजाब की टीम ने अंपायर नितिन के फैसले को लेकर मैच रेफरी जवगल श्रीनाथ से शिकायत की है। एएनआई से पंजाब की तरफ से बताया गया है कि अंपायर का फैसला चौंकाने वाला था और इसकी वजह से मैच पर असर पड़ा। हमने अब इस मामले की रिपोर्ट मैच रेफरी से की है। इस बात का इंतजार रहेगा कि मैच रेफरी मामले पर क्या फैसला करते हैं।

किंग्स इलेवन पंजाब की टीम में मालिकाना हक रखने वाली प्रीति जिंटा ने ट्वीट कर लिखा, महामारी के दौरान हमने काफी जोश से यात्रा की और 6 दिन क्वारंटाइन में भी बिताया और 5 कोविड टेस्ट से हंसते हंसते गुजरे लेकिन इस एक शॉट रन ने काफी चोट पहुंचाई है। तकनीक का क्या मतलब बनता है अगर हम इसका प्रयोग ही नहीं करें। अब वक्त आ गया है कि बीसीसीआई नए नियम का लागू करे। यह हर साल नहीं होना चाहिए।

इससे पहले किंग्स के पूर्व कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट कर लिखा, मैं इस मैन ऑफ द मैच के चयन से खुश नहीं हूं। अंपायर जिसने शॉट रन दिया उसको यह मैन ऑफ द मैच दिया जाना चाहिए। शॉट रन नहीं था और यही अंतर है।

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube