पौष पूर्णिमा आज, इस विधि से करें पूजा, नोट करें स्नान-दान मुहूर्त

सनातन धर्म में पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व है। आज साल 2026 की पहली पूर्णिमा मनाई जा रही है। पौष माह की पूर्णिमा तिथि मोक्ष की कामना रखने वाले जातकों के लिए बहुत फलदायी मानी जाती है। इसी दिन से प्रयागराज के संगम तट पर प्रसिद्ध माघ स्नान की शुरुआत भी होती है। कहा जाता है कि इस दिन पूजा-पाठ और स्नान-दान करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में सुख-शांति आती है। आइए इस तिथि से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं –

पौष पूर्णिमा 2026 स्नान-दान शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त का समय स्नान और दान के लिए बहुत शुभ माना गया है। पौष पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त 03 जनवरी 2026 को सुबह 5 बजकर 25 मिनट से लेकर 06 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आप स्नान-दान कर सकते हैं।

पूजन विधि
पवित्र स्नान – हो पाए तो गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर घर पर हैं, तो नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
सूर्य देव को अर्घ्य – स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
सत्यनारायण कथा – पौष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की कथा सुनना या पढ़ना चाहिए। इससे परिवार में सुख-शांति आती है।
लक्ष्मी पूजन – इस तिथि पर शाम के समय मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और उन्हें सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं।
चंद्र दर्शन – रात में चंद्रमा को दूध और जल का अर्घ्य दें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है।

दान का महत्व
तिल और गुड़ – इस दिन तिल-गुड़ का दान बेहद शुभ माना जाता है।
गर्म कपड़े – जरूरतमंदों को कंबल या गर्म कपड़े दान करें।
चावल और दूध – इस तिथि पर सफेद वस्तुओं का दान करना परम फलदायी माना जाता है।

करें यह उपाय
अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो पूर्णिमा की रात को 11 कौड़ियों पर हल्दी लगाकर मां लक्ष्मी को अर्पित करें और अगले दिन उन्हें अपनी तिजोरी में रख लें। इससे पूरे साल धन की कमी नहीं होगी।

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