भाजपा से छह साल के लिए निष्कासित नेताओं की नहीं होगी वापसी

शिमला। हिमाचल में उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां चरम पर हैं। एक लोकसभा और तीन विधानसभा सीटों पर 30 अक्टूबर को उपचुनाव होने जा रहा है। भाजपा द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने स्पष्ट किया है कि इन उपचुनाव में जिन पदाधिकारियों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया गया है उनको वापस नहीं लिया जाएगा।

उन्होंने मंगलवार को कहा कि भाजपा एक अनुशासित राजनीतिक दल है और किसी भी प्रकार की पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बात को भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना एवं भाजपा के प्रभारी संजय टंडन ने कई बार कार्यक्रमों में भी दोहराया है। अनुशासन भारतीय जनता पार्टी की रीढ़ की हड्डी है और इसके कारण प्रत्येक कार्यकर्ता को पार्टी की नीतियों पर पूरा विश्वास है। भाजपा का संगठन बूथ स्तर तक मजबूत है और इन उपचुनाव में सभी कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ काम कर रहे है।

उन्होंने दावा किया कि सत्ता का सेमीफाइनल भी हम जीतेंगे और 2022 का फाइनल भी। इन चुनाव में हम चारों सीटों पर जीत दर्ज करेंगे। सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस इन चुनाव में कही भी मुकाबले में नही है। आज कांग्रेस हिमाचल प्रदेश से भी लुप्त होने जा रही है। पूरे देश मे कांग्रेस का सफाया हो रहा है और हिमाचल प्रदेश से भी कांग्रेस का सफाया तय है।

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube