मध्य प्रदेश में ठंड ने फिर पकड़ी रफ्तार

मध्य प्रदेश में सर्दी एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। बीती रात प्रदेश के 14 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव में सबसे कम 6.1 डिग्री तापमान रहा, जबकि राज्य के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 6.4 डिग्री तक गिर गया। राजधानी भोपाल में पिछले दो दिनों से लगातार शीतलहर का असर दिख रहा है। कई जिलों में सुबह कोहरे की चादर भी देखने को मिल रही है। शनिवार को भी भोपाल में ठंडी हवाएं चलती रहीं। दिन का अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक हालात इसी तरह बने रहेंगे। दिसंबर के शुरुआती सप्ताह से दोबारा कड़ाके की ठंड बढ़ेगी, जिसका असर जनवरी तक जारी रह सकता है।

भोपाल, राजगढ़ और मंडला में तापमान लुढ़का
शुक्रवार-शनिवार की रात कई शहरों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में न्यूनतम तापमान गिरकर 8.6 डिग्री पर पहुंच गया। इंदौर में 10.4 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 14 डिग्री और जबलपुर में 10.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। नौगांव और पचमढ़ी के बाद कल्याणपुर 7.1 डिग्री, उमरिया और अमरकंटक 7.6 डिग्री, रीवा 7.8 डिग्री, मलाजखंड 8.7 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो 9 डिग्री, मंडला और छिंदवाड़ा 9.4 डिग्री, दमोह 9.5 डिग्री और बैतूल 9.7 डिग्री पर रहा।

उत्तर में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, एमपी में पड़ेगा असर
उत्तरी भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिससे पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी बढ़ेगी। इसके बाद कुछ दिनों में वही ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश की ओर रूख करेंगी, जिससे प्रदेश में पारा और नीचे जा सकता है। इन दिनों कई शहरों में कोहरे की स्थिति भी बनी हुई है। भोपाल में रात से ही धुंध फैलने लगती है और सुबह विजिबिलिटी 1 से 1.5 किलोमीटर तक रह जाती है। रविवार को भी कोहरा रहने का अनुमान है।

नवंबर में 15 दिन चली शीतलह
प्रदेश में 6 नवंबर से ही ठंड का तीखा असर दिखना शुरू हो गया था। सामान्यतः नवंबर के आखिरी पखवाड़े में ठंड बढ़ती है, पर इस बार हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी होने से सर्द हवाएं जल्द मध्य प्रदेश तक पहुंच गईं। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे ज्यादा है। इस दौरान रात का तापमान 5.2 डिग्री तक दर्ज हुआ, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इंदौर में भी नवंबर की सर्दी ने 25 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।22 नवंबर के बाद हवा की दिशा बदलने से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन अब फिर से शीतलहर का दौर लौट आया है। पिछले दो दिनों से भोपाल में ठंडी हवाएं तेज हो गई हैं। आने वाले 48 घंटे भी इसी तरह बीतेंगे और दिसंबर के पहले सप्ताह से ठंड और तीखी होने की संभावना है।

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