मुरलीधरन के संन्यास के बाद से टीम के स्पिन अटैक का जिम्मा हेराथ कंधों पर ही था.

 श्रीलंका के दिग्गज और टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफलतम लेफ्ट आर्म स्पिनर रंगना हेराथ अब संन्यास लेने जा रहे हैं। हेराथ इंग्लैंड के साथ तीन मैचों की सीरीज़ के गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट के बाद क्रिकेट जगत को अलविदा कह देंगे।

गॉल हेराथ के लिए यादगार मैदान है क्योंकि यहीं पर उन्होंने साल 1999 में अपने टेस्ट करियर का आगाज़ किया और अब वो इस मैदान पर एकमात्र विकेट लेकर यहां 100 विकेट भी पूरे कर लेंगे। मुरलीधरन के बाद ऐसा करने वाले दूसरे स्पिनर होंगे। इसके साथ ही इस मैदान पर उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 10 विकेट भी चटकाए हैं।

40 साल के इस स्पिनर ने साल 2017 की शुरुआत से ही कोई भी तीन मैचों की पूरी सीरीज़ नहीं खेली है। मुरलीधरन के संन्यास के बाद से टीम के स्पिन अटैक का जिम्मा इनके कंधों पर ही था।

मुश्किल वक्त से गुज़र रहे श्रीलंका क्रिकेट के लिए रंगना हेराथ का भी जाना एक बड़ी क्षति मानी जाएगी। क्योंकि अभी उनके पास हेराथ के स्तर का कोई भी स्पिनर टीम में मौजूद नहीं है। हालांकि अकिला धनंजया, लक्षण संदाकन और मलिंदा पुष्पकर्मा टीम में जगह बनाकर उसे भरने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनके पास अभी अनुभव की कमी है।

हेराथ ने श्रीलंका के लिए कुल 92 टेस्ट मैचों में 430 विकेट चटकाए हैं और वो सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों की लिस्ट में 10वें स्थान पर हैं। लेकिन अगर हेराथ अपने आखिरी टेस्ट में पांच विकेट लेने में कामयाब होते हैं तो वो रिचर्ड हेडली(431 विकेट), स्टुअर्ट ब्रॉड(433 विकेट) और कपिल देव(434 विकेट) को पीछे छोड़कर लिस्ट में सातवें स्थान पर आ जाएंगे।

मौजूदा समय में हेराथ अकेले ऐसे टेस्ट क्रिकेटर हैं जिन्होंने 90 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की हो।

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