पूर्व राष्‍ट्रपति द्वारा अध्‍यादेश पर हस्‍ताक्षर के हाफिज सईद के संगठन घोषित तौर पर आतंकी संगठन हो गया थे

संयुक्‍त राष्‍ट्र द्वारा घोषित आतंकी और 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के मास्‍टर मांइड हाफिज सईद जमात-उद-दावा(जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन(एफआइएफ) को प्रतिबंधित संस्‍थाओं की सूची से बाहर कर दिया गया है। मौजूदा इमरान खान सरकार ने पूर्व राष्‍ट्रपति द्वारा जारी अध्‍यादेश को आगे बढ़ाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। इसलिए हाफिज सईद को अध्‍यादेश के खिलाफ कोर्ट में जाने का मौका मिल गया।

दरअसल, इस साल फरवरी में पूर्व राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने एक ऐसे अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा तथा तालिबान जैसे संगठनों पर लगाम लगाना था। इस सूची में हाफिज सईद का संगठन जेयूडी और एफआइएफ को भी शामिल किया गया था।

पूर्व राष्‍ट्रपति द्वारा अध्‍यादेश पर हस्‍ताक्षर के हाफिज सईद के संगठन घोषित तौर पर आतंकी संगठन हो गया थे। लेकिन नई सरकार अब हाफिज पर मेहरबान नजर आ रही है। इसीलिए उनकी संस्‍थाओं को इस सूची से बाहर कर दिया गया है। हाफिज सईद के द्वारा इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें बताया गया कि पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ की सरकार ने यूएन के प्रस्‍ताव को आगे नहीं बढ़ाया है, जिसकी वजह से इसकी अवधि समाप्‍त हो गई है।

साथ ही याचिका में कहा गया कि पूर्व सरकार द्वारा लाया गया अध्‍यादेश पाकिस्‍तान के संविधान और प्रभुसत्ता के खिलाफ है। इस अध्‍यादेश को कानून का रूप(एक्‍ट) देने के लिए संसद में पेश भी नहीं किया गया है। मौजूदा सरकार ने इस अध्‍यादेश को आगे बढ़ाने की कोई प्रक्रिया नहीं की है।

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