विधानसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल की 600 कंपनियों की आवश्यकता जताई थी.

विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए मध्यप्रदेश को केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल की 43 कंपनियां प्राप्त हो गई हैं। पांच और कंपनियां सोमवार की रात तक पहुंचने की संभावना है। इस बार नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रदेश ने दो हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध कराए जाने की मांग रखी है।

विधानसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल की 600 कंपनियों की आवश्यकता जताई थी। प्रारंभिक आवश्यकता के लिए केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल की 50 कंपनियों की मांग की गई थी, जिनमें से 48 की स्वीकृति मिली है।

43 कंपनियां अभी तक मिल चुकी हैं, जिन्हें पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर तैनात किया जा रहा है। प्रदेश के पड़ोसी राज्यों की सीमा से सटे सभी जिलों को पुलिस बल सौंप दिया गया है।

चुनाव में नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी केंद्र सरकार द्वारा दो हेलीकॉप्टर मांगे गए हैं। सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश को चुनाव में जरूरी पुलिस बल छत्तीसगढ़ में मतदान होने के बाद मिलने की संभावना है।

हालांकि पुलिस मुख्यालय को उम्मीद है कि इसके पहले कुछ और कंपनियां प्रदेश को मिल सकती हैं। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश पुलिस ने चुनाव के लिए केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल की 600 कंपनियों की मांग की है, जिसमें कुछ कटौती कर केंद्र सरकार पुलिस बल उपलब्ध करा सकता है। विधानसभा चुनाव 2013 में प्रदेश को केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल की 552 कंपनियां ही मिली थीं।

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