विपक्षी एकता को झटका, अखिलेश-मायावती ने शपथ समारोह से बनाई दूरी

भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में कमलनाथ सोमवार को मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। भोपाल में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी, डीएमके चीफ एम.के. स्टालिन और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू समेत कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कमलनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।

हालांकि सोनिया गांधी और शरद पवार कमलनाथ के शपथग्रहण समारोह में नहीं आ रहे हैं। जबकि शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी एकता दिखाने के लिए सभी विपक्षी दलों को भी न्यौता भेजा गया है। इसमें मप्र में कांग्रेस को समर्थन देने वाली बसपा और सपा के प्रमुख मायावती और अखिलेश यादव भी शामिल हैं, लेकिन ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और मायावती ने इस समारोह से दूरी बना ली हैं और तीनों ही नेता समारोह में शामिल नहीं होंगे। ममता बनर्जी ने पार्टी के नेता दिनेश त्रिवेदी को भोपाल में होने वाले समारोह में शामिल होने का निर्देश दिया है।

मप्र में सपा के विधायक राजेश कुमार अखिलेश यादव के दूत बनकर कमलनाथ के दरबार मे ताम्रपत्र पढ़ेंगे, जबकि मायावती की गैरहाजिरी बड़े सवाल करती दिखाई दे रही है। क्योंकि बसपा ने कांग्रेस को राजस्थान और एमपी में बिना किसी शर्त के समर्थन दिया था। ऐसे में गठबंधन की कोशिशों पर चर्चाओं का बाजार एक बार फिर गर्म होने के आसार हैं। मायावती और अखिलेश ने समारोह में शामिल नहीं होने के लिए अभी तक कोई वाजिब कारण नहीं बताया है लेकिन संकेत साफ हैं कि विपक्षी एकता का जो ताना-बाना कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बुन रहे हैं, वो बिखरता नजर आ रहा है।

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