संसद में महिलाओं को 50 फीसदी हिस्सेदारी की मांग

नई दिल्ली : आगामी लोकसभा चुनाव में महिलाओं को संसद में 50 फीसदी आरक्षण की मांग भी अहम मुद्दा होगा। नवगठित राजनीतिक दल नेशनल वुमन पार्टी (एनडब्ल्यूपी) ने ऑल इंडिया वुमन यूनाइटेड पार्टी (एआईडब्ल्यूयूपी) के साथ मिलकर इस मुद्दे पर लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है। एनडब्ल्यूपी की अध्यक्ष श्वेता शेट्टी ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एनडब्ल्यूपी और एआईडब्ल्यूयूपी संयुक्त रूप से लोकसभा की 283 सीटोें पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टी सदस्य केवल महिलाएं ही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी इस मांग का समर्थन करने वाले पुरुषों को ही उनके दल में शामिल किया जाएगा। पार्टी पदाधिकारियों में भी महिला-पुरुष के अनुपात को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी दी जाएगी।

शेट्टी ने कहा कि जब संसद में महिलाओं की भागीदारी आधी होगी तभी देश में महिलाओं को रेप और शारीरिक उत्पीड़न से सुरक्षित रहने का अधिकार मिलेगा और वो आत्मनिर्भर बन पाएंगी। उन्होंने कहा कि इस समय देश की 545 सदस्यों की संसद में महिलाओं की मौजूदगी केवल 11 फीसदी ही है और उनका लक्ष्य संसद में महिलाओं की मौजूदगी को 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है। एआईडब्ल्यूयूपी की अध्यक्ष नसीम बानो ने 13 मार्च को एनडब्ल्यूपी और एआईडब्ल्यूयूपी द्वारा संयुक्त रूप से जंतर-मंतर से इंडिया गेट तक महिलाओं का मार्च निकालने की बात कही। साथ ही उन्होंने भारतीय महिलाओं के सम्मान में 09 मार्च को भारतीय महिला दिवस के रूप में घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनका मकसद देश के विकास में महिलाओं को समान रूप से भागीदार बनाना है।

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