सीबीएसई बोर्ड 12th क्लास की 1 करोड़ कॉपियों की ऑनस्क्रीन होगी जांच

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 12th क्लास की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 17 फरवरी से लेकर 9 मार्च 2026 तक करवाया जायेगा। बोर्ड परीक्षाओं में 17 लाख से अधिक छात्र छात्राएं भाग लेंगे। इन सभी छात्रों की 1 करोड़ से अधिक कॉपियों के 32 करोड़ पन्नों का मूल्यांकन इस बार डिजिटल मोड में ऑनस्क्रीन किया जायेगा।

क्या रहेगी प्रक्रिया
बोर्ड परीक्षाओं में भाग लेने वाले सभी स्टूडेंट्स की कॉपियों को सीबीएसई द्वारा स्कैन किया जायेगा। इसके बाद टीचर्स स्कूल की लैब में बैठकर ही आवंटित कॉपियों की जांच ऑनस्क्रीन करेंगे। इस दौरान छात्रों की कॉपी का रोल नंबर या नाम नहीं दिखेगा जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक की ओर से दिए गए बयान के मुताबिक इससे करोड़ों कॉपियों को इधर से उधर करने में लगने वाला समय और ट्रांसपोर्ट खर्च बचेगा। इसके अलावा शिक्षक अपने स्कूल लैब में ही कंप्यूटर द्वारा ऑनस्क्रीन कॉपियों को जांच कर सकेंगे।

7 चरणों में पूर्ण होगी प्रक्रिया
सीबीएसई की ओर से ऑनस्क्रीन कॉपियों की जांच को 7 चरणों में विभाजित किया गया है। ऑनस्क्रीन कॉपियों की जांच के चरण निम्नलिखित हैं-

छात्रों को बोर्ड परीक्षा ऑफलाइन ही देनी होगी। केंद्र पर कॉपियां विषय के अनुसार 20, 32 और 40 पेज की उपयोग में लाई जाएंगी।

दूसरे चरण में कॉपियों को हाई सिक्योरिटी में स्कैन किया जायेगा। ध्यान देने वाली बात है कि कॉपी के सभी पेजों को स्कैन किया जायेगा जिससे हर पेज की डिजिटल इमेज क्रिएट होगी। सभी कॉपियों को एक यूनिक कोड आवंटित होगा। कॉपियों की जांच के टाइम किसी भी छात्र का नाम व रोल नंबर टीचर्स को नहीं दिखेगा इससे पक्षपात की संभावना भी खत्म हो जाएगी।

कॉपियों को एक्सेस करने के लिए टीचर्स को OASIS आईडी (Online Affiliated Schools Information System) में जाकर ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद उनको कितनी कॉपियां जांचने के लिए आवंटित हुई हैं पता चलेगा। टीचर्स जितनी कॉपियां आवंटित होंगी उतनी ही जांच कर पाएंगे।

लॉग इन करने के बाद टीचर्स छात्रों की कॉपी को एक्सेस कर पाएंगे। हर प्रश्न का पूर्णांक और प्राप्तांक का कॉलम होगा। टीचर्स इसके बाद छात्र को किस प्रश्न के लिए कितने अंक प्राप्त हुए हैं कॉलम में भरेंगे।

टीचर्स को केवल प्राप्त अंकों की जानकारी भरनी होगी। इसके बाद कंप्यूटर टोटल अंकों की गणना खुद ही कर देगा।

कॉपियों की जांच को ट्रैक किया जायेगा और देखा जायेगा कि टीचर ने कितनी देर में कॉपी की जांच पूरी की है। आवश्यकता पड़ने पर कॉपी को रीचेक भी करवाया जा सकेगा।

कॉपियों की जांच होते ही छात्रों की अंकों का डाटा सीधे सीबीएसई के रिजल्ट डाटा बेस में सेव हो जायेगा।

10वीं के मूल्यांकन में अभी बदलाव नहीं
सीबीएसई की ओर से इस बार केवल 12वीं कक्षा की कॉपियों की ऑनस्क्रीन जांच की जाएगी। 10th क्लास की कॉपियों को पहले की तरह ही टीचर्स जांचेंगे।

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