7वां वेतन आयोग : मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को दी सबसे बड़ी सौगात, DA 2% बढ़ाया

त्‍योहारी सीजन से पहले मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारी को बड़ी सौगात दी है. उनका महंगाई भत्‍ता (DA) दो फीसदी बढ़ा दिया गया है. अब केंद्रीय कर्मचारियों को 9 फीसदी डीए मिलेगा. बुधवार (29 अगस्‍त) को आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्‍ताव को मंजूरी दी गई. केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि डीए की गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर होती है. इस साल मार्च में सरकार ने दो फीसदी डीए बढ़ाया था. इसे 5 से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया था. अब यह 9 फीसदी कर दिया गया है, जो 1 जुलाई 2018 से लागू होगा. वैसे डीए जुलाई में बढ़ जाना चाहिए था, लेकिन जून महीने के सूचकांक के आंकड़े लगभग एक माह बाद देरी से जारी हुए. 7वां वेतन आयोग : मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को दी सबसे बड़ी सौगात, DA 2% बढ़ाया

जी न्‍यूज डिजिटल ने जुलाई में ही यह खबर ब्रेक कर दी थी कि मोदी सरकार इस बार भी डीए दो फीसदी बढ़ाएगी और यह अगस्‍त के वेतन के साथ आएगा. डीए की गणना करने वाले इलाहाबाद (यूपी) स्थित एजी ऑफिस ब्रदरहुड के पूर्व अध्यक्ष हरीशंकर तिवारी ने ‘जी न्‍यूज’ डिजिटल से फोन पर कहा कि अब राज्‍य सरकारें भी डीए में बढ़ोतरी की घोषणा करेंगी.

नए इंडेक्‍स पर काम कर रही है सरकार
हरीशंकर तिवारी ने बताया कि सरकार इंडेक्‍स को मॉ‍डीफाई भी कर रही है. साथ ही बेस ईयर भी बदलेगी, जिसके आधार पर डीए की गणना होती है. इससे करीब 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन भोगियों को लाभ होगा. मौजूदा सीपीआई-आईडब्‍ल्‍यू का बेस ईयर 2001 है. 2006 में जब 6वां वेतन आयोग लागू हुआ तब बेस ईयर 2006 कर दिया गया था. इससे पहले यह 1982 था. 

इंडस्ट्रियल वर्कर को हो रहा है ज्‍यादा फायदा
सरकार कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्‍स (सीपीआई) को बदल रही है. इससे इंडस्ट्रियल वर्कर का डीए तय होगा. डीए कॉस्‍ट ऑफ लिविंग एडजस्‍टमेंट एलाउंस है जो सरकारी कर्मचारियों को मिलता है. इसकी गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में की जाती है. मंहगाई के असर को कम करने के लिए कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाता है.

आधार वर्ष में हर साल होगा बदलाव
आधार वर्ष में हरेक 6 साल पर बदलेगा. वहीं नए इंडेक्स में नए इंडस्ट्रियल सेंटर्स को भी शामिल किया जाएगा, जिससे ऐसे सेंटरों की संख्या 78 से बढ़कर 88 हो जाएगी. पिछले 15 साल में औद्योगिक कर्मचारियों की जीवनशैली में आने वाले बदलावों का असर शामिल करने के लिए लिस्ट में कार और मोबाइल समेत कई चीजे जोड़ी जा रही हैं. बेस ईयर में बदलाव करने से सरकारी खजाने पर करोड़ों रुपये का असर पड़ने की उम्मीद है.

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