
एक फिल्म से कलाकार स्टार बनते हैं और एक फिल्म ही उनका करियर हिट से फ्लॉप में भी बदल देती है। 90s में एक बॉलीवुड एक्टर, जो एक फिल्म के ब्लॉकबस्टर होने के बाद रातोंरात स्टार बन गए थे, आज वह गुमनामी में जी रहे हैं।
यह अभिनेता हैं राहुल रॉय (Rahul Roy)। अभिनेता ने साल 1990 में महेश भट्ट की फिल्म आशिकी (Aashiqui) से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। यह फिल्म उस साल की सुपर-डुपर हिट रही थी। फिल्म के गाने भी सुपरहिट थे। इस फिल्म से राहुल रातोंरात स्टार बन गए थे।
आशिकी के बाद फिल्मों की आई थी बहार
‘आशिकी’ ने राहुल रॉय का करियर चमका दिया था। वह नेशनल क्रश बन गए। उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई। एक के बाद एक उन्होंने कई फिल्में साइन कीं। कुछ बनीं लेकिन फ्लॉप हो गईं और कुछ बनते-बनते रह गईं।
फ्लॉप और डिब्बाबंद हुई थीं फिल्में
राहुल रॉय ने प्यार का साया, गजब तमाशा, सपने साजन के, जुनून समेत कई फिल्में कीं, जो बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ी फ्लॉप रहीं। यहां से उन्हें लीड हीरो के काम मिलने बंद हो गए औऱ फिर वह सपोर्टिंग रोल्स में काम करने लगे। उनकी कई बड़ी फिल्में डिब्बाबंद हो गईं, जिनमें महेश भट्ट की खिलौना, जब जब दिल मिले और वजरा शामिल हैं।
35 साल बाद एक्टर का लुक हुआ चेंज
तीन दशक में चुनिंदा फिल्मों में छोटे-मोटे रोल में नजर आएं, लेकिन बतौर लीड हीरो उनका कमबैक नहीं हुआ है। अब अभिनेता का लुक भी एकदम चेंज हो गया है। कुछ समय पहले अभिनेता को स्पॉट किया गया था, तब उनके चाहने वाले ने राहुल को देख हैरानगी जताई थी। यही नहीं, अभिनेता रील्स भी बना रहे हैं। उनके कुछ रील्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिसे देख लोग हैरान हो गए और उनकी चिंता करने लगे। कुछ उनका मजाक भी उड़ाने लगे थे।
पैसों की तंगी से बेहाल हैं एक्टर
सोशल मीडिया पर चल रहे वायरल वीडियो पर हाल ही में राहुल रॉय ने एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने मजाक उड़ाने वालों की क्लास लगाई है और बताया है कि आखिर वह क्यों रील्स बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं अपना काम पूरी ईमानदारी और विनम्रता से करता हूं। मुझे कुछ कानूनी मामलों के लिए पैसे चुकाने हैं और ये मामले आज के नहीं हैं, ये तब के हैं जब मुझे ब्रेन स्ट्रोक नहीं हुआ था।”
राहुल रॉय ने आगे कहा, “अगर आप मेरी सादगी का मजाक उड़ाते हैं या मेरे संघर्षों पर हंसते हैं, तो यह मेरे बारे में कम और आपके बारे में ज्यादा बताता है। अगर आपको सच में इतनी ही चिंता है, तो मुझे कोई सच्चा और अच्छा काम ढूंढ़ने में मदद करें, ताकि मैं इन केसों का खर्च उठा सकूं। कम से कम मैं अपनी मेहनत से कमा रहा हूं, दूसरों का मजाक उड़ाकर नहीं।”



