विपक्षी दलों पर बरसे अरविंद केजरीवाल, कहा- ‘तिरंगा भारत में नहीं तो क्या पाकिस्तान में फहराएं’

राजधानी दिल्ली में तिरंगा फहराने संबंधी दिल्ली सरकार के फैसले का विरोध कर रहे विपक्षी दलों पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निशाना साधते हुए कहा कि तिरंगा भारत में नहीं तो क्या पाकिस्तान में फहराया जाएगा। दिल्ली में नहीं तो क्या यह तिरंगा इस्लामाबाद में फहराया जाएगा। बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राजधानी दल्ली में 500 स्थानों पर हम तिरंगा फहराएंगे। मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि भाजपा और कांग्रेस इसका विरोध क्यों कर रहीं हैं। उनको तो इस निर्णय की सराहना करनी चाहिए। बजट पर चर्चा के बाद विधानसभा में 2021-22 का प्रस्तावित बजट पास हो गया। देशभक्ति थीम वाला यह 69 हजार करोड़ राशि का बजट है। जिस समय बजट को मंजूरी दी गई उस समय विपक्ष के सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विपक्षी दल 2048 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए आवेदन करने और 2047 तक सिंगापुर के स्तर पर प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने की घोषणा पर दिल्ली सरकार का मजाक उड़ा रहे है। हम इसे हासिल करके रहेंगे। हम ओलंपिक एसोसिएशन और केंद्र सरकार के पास जाएंगे, सब मिलकर ओलंपिक की दावेदारी करेंगे। दिल्ली सरकार अकेले इसका आयोजन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को अयोध्या की यात्र कराने की हमारी योजना का भाजपा व कांग्रेस विरोध कर रही है। क्या बुजुर्गों को रामलला का दर्शन कराना पाप है? उन्होंने कहा, ‘वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान की घोषणा की थी तो मैंने झाड़ू लगाकर इस अभियान का समर्थन किया था। इसलिए हमारी योजनाओं का विपक्ष को विरोध नहीं करना चाहिए।’

हमारे लिए दिल्ली की तरक्की ही देशभक्ति : मनीष सिसोदिया

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट पर चर्चा के दौरान देशभक्ति बजट पर उठे सवालों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की तरक्की ही उनके लिए देशभक्ति है। नागरिकों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं, बच्चों को शिक्षा, महिला मोहल्ला क्लीनिक बनाना देशभक्ति है। जवानों और किसानों को सम्मान देना देशभक्ति है। भाजपा पिछले 15 सालों से दिल्ली नगर निगम की सत्ता में है, लेकिन उनके स्कूलों के बहुत से बच्चे अपनी किताब भी नहीं पढ़ पाते हैं। यह विपक्ष की मिलावटी देशभक्ति है, जो सेना के जवानों की शहादत पर क्रेडिट लेने के लिए सबसे आगे खड़े होते है, लेकिन उन्हें अच्छी सुविधाएं देने में पीछे। हमारे दिल में राम और बगल में संविधान है।

 

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