बजरंग पूनिया की जगह विराट को खेल रत्न के लिए क्यों चुना गया, खेल मंत्रालय ने दी सफाई

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार नहीं मिलने से निराश स्टार पहलवान बजरंग पूनिया काफी नाराज हैं और उन्होंने कोर्ट तक जाने की धमकी दी है. खेल मंत्रालय ने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और वेटलिफ्टर मीराबाई चानू को संयुक्त रूप से राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दिए जाने का फैसला लिया है.

बजरंग पूनिया का कहना है कि  मैंने नामांकित किए गए दो अन्य खिलाड़ियों (विराट कोहली और मीराबाई चानू) से ज्यादा अंक जुटाए हैं, जबकि खेल मंत्री का कहना है कि मेरे इतने अंक नहीं थे लेकिन यह बात गलत है. बजरंग पूनिया के इस बयान पर खेल मंत्रालय ने अपनी सफाई दी है. 

खेल मंत्रालय ने खेल रत्न की चयन प्रक्रिया के मानदंडों को स्पष्ट करने के लिए टि्वटर पर एक पोस्ट शेयर किया है. इस पोस्ट के साथ खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इसके लिए अलग-अलग मानकों द्वारा विभिन्न खेलों का फैसला किया जाता है.

खेल मंत्रालय ने टि्वटर पर कहा, ‘प्वाइंट सिस्टम का उपयोग दिए गए खेल के भीतर खिलाड़ियों में अंतर दिखाने के लिए किया जाता है, न कि विभिन्न खेलों का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को. ‘विराट कोहली आईसीसी रैंकिंग के 3 प्रारूपों में से 2 में टॉप पर हैं, जबकि मीराबाई चानू वर्तमान में ओलंपिक खेल में एकमात्र भारतीय विश्व चैंपियन हैं.’ इसी आधार पर खेल मंत्रालय की ओर से दोनों खिलाड़ियों को खेल रत्न के लिए चुना गया है.

हालांकि, बजरंग पूनिया इस जवाब से खुश नहीं हैं. इसके लिए उन्होंने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से भी मुलाकात की थी. 24 वर्षीय पहलवान बजरंग पूनिया ने एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किए. गोल्ड कोस्ट और जकार्ता में गोल्ड के अलावा बजरंग ने 2014 राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में सिल्वर जीते थे. उन्होंने 2013 विश्व चैम्पियनशिप में भी ब्रॉन्ज जीता था. लेकिन इस प्रदर्शन को अंक प्रणाली में शामिल नहीं किया गया क्योंकि अंक प्रणाली 2014 में ही शुरू हुई थी. 

इसके अलावा चयन समिति के संदर्भ की शर्तों के अनुसार समिति अपने आप सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले खिलाड़ियों के नाम की सिफारिश राजीव गांधी खेल रत्न के लिए नहीं कर सकती. लेकिन कुछ विशेष खेलों में पुरस्कार की सिफारिश सर्वाधिक कुल अंक जुटाने वाले खिलाड़ियों के लिए की जा सकती है. 

बता दें कि विराट कोहली और मीराबाई चानू को यह सम्मान 25 सितंबर को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों दिए जाएंगे. कोहली और चानू को मेडल और प्रशस्ति पत्र सहित 7.5 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा.

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