‘अल्प सूचना पर शेख हसीना ने भारत आने की मंजूरी मांगी’, राज्यसभा में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर

बांग्लादेश इनदिनों हिंसा की आग में जल रहा है. आरक्षण को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन तख्तापलट तक पहुंच गया और अब इसने सांप्रदायक रूप ले लिया है. उपद्रवी हिंदुओं और शेख हसीना की पार्टी के समर्थकों को निशाना बना रहे हैं.

 बांग्लादेश में हिंसा का दौर जारी है. शेख हसीना ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ दिया. बावजूद इसके देश में हिंसा नहीं थमी और उपद्रवियों अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारी हिंदुओं के अलावा शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के समर्थकों को निशाना बना रहे हैं. सोमवार प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास और संसद पर धावा बोल दिया और शेख हसीना के घर का सामान लूटकर ले गए. उपद्रवियों सोमवार को जेसोर के एक होटल में आग लगा दी. जिसमें आठ लोग जिंदा जल गए. जबकि 84 लोग घायल हुए हैं.

जानकारी के मुताबिक उपद्रवियों ने जिस होटल को निशाना बनाया है वह होटल आवामी लीग के नेता शाहीन चकलादार का बताया जा रहा है. वह जेरोस जिले के आवामी लीग के महासचिव हैं. डिप्टी कमिश्नर अबरारुल इस्लाम ने होटल में आगजनी की खबर की पुष्टि की है. वह इस आगजनी में मारे गए लोगों में से दो की पहचान हो गई है. इनमें एक की पहचान 20 वर्षीय चयन और दूसरे की 19 वर्षीय सेजन हुसैन के रूप में हुई है. वहीं जनरल अस्पताल के एक कर्मचारी हारुन-या-रशीद का कहना है कि कम से कम 84 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिनका इलाज चल रहा है, इनमें से अधिकांश छात्र है.

बांग्लादेश हिंसा पर राज्यसभा में क्या बोले विदेश मंत्री?

 विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने राज्यसभा में कहा कि भारत बांग्लादेश में अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में है, जो शेख हसीना के इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद राजनीतिक संकट की चपेट में है. राज्यसभा में अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने कहा, “पिछले 24 घंटों में, हम ढाका में अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में हैं. अभी तक यही स्थिति है. मैं सदन की समझ और समर्थन चाहता हूं एक महत्वपूर्ण पड़ोसी से संबंधित संवेदनशील मुद्दों के संबंध में, जिस पर हमेशा एक मजबूत राष्ट्रीय सहमति रही है.”

  • बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी अभियान के बीच शुरू हुई हिंसा अभी भी जारी है. इस बीच उपद्रवियों ने बांग्लादेश के शेरपुर जिला जेल पर धावा बोल दिया. इसके बाद जेल में बंद करीब 500 कैदी फरार हो गए. वही इससे पहले सोमवार को भी उपद्रवियों ने कर्फ्यू के बावजूद लाठी-डंडों और हथियारों के साथ जुलूस निकाला. इस दौरान भीड़ ने दमदमा-कालीगंज इलाके में स्थित जिला जेल पर धावा बोल दिया. इस दौरान भीड़ ने जेल का गेट तोड़ दिया और वहां आग लगा दी. इसके बाद जेल में बंद कैदियों भगाना शुरू कर दिया.

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