ट्रंप की जीत पर पुतिन का नहीं आया कोई रिएक्शन, बधाई देने के बजाय आई ये टिप्पणी

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत पर पीएम मोदी समेत दुनिया भर के कई देशों के नेताओं ने उन्हें बधाई दी. मगर देर शाम तक रूस के राष्ट्रपति पुतिन की ओर से किसी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. 

एक ओर जहां दुनिया भर के देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत की बधाई दी है. वहीं रूस ऐसा देश है जहां से कोई संदेश नहीं आया है. पुतिन का यह निर्णय चर्चा का विषय बना हुआ है. उधर क्रेमलिन ने ट्रंप को बधाई देने की जगह अमित्र देश का नेता बताया है. डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत पर पीएम मोदी सहित विश्व के सभी प्रमुख देशों के नेताओं ने उन्हें बधाई दी है. मगर गुरुवार तक रूस के राष्ट्रपति पुतिन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

वहीं क्रेमलिन ने डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी जीत से अमेरिका-रूस के तनावपूर्ण संबंधों पर पड़ने वाले किसी प्रभाव को कम करके आंका है. प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव का कहना है कि दोनों देशों के बीच संबंध इससे अधिक बदतर नहीं हो सकते हैं.

जानें क्रेमलिन ने क्या कहा

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, दोनों देशों के बीच रिश्ते सबसे निम्नतम बिंदु पर हैं. जब उनसे यह पूछा गया कि क्या पुतिन ट्रंप को उनकी जीत पर बधाई देंगे. इस पर पेसकोव का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी भी योजना के बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पेसकोव ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हम उस देश के बारे में बात कर रहे हैं जो एक अमित्र देश है. प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर हमारे राज्य के खिलाफ युद्ध से जुड़ा है.

राष्ट्रपति पद न संभालने तक किसी तरह की टिप्पणी नहीं

पेस्कोव के अनुसार, रूस अमेरिकी चुनाव को एक मामला आंतरिक कहता आया है. जब तक आधिकारिक तौर पर वे पदभार ग्रहण नहीं करते, तब तक किसी तरह की टिप्पणी नहीं होगी. उन्होंने यूक्रेन संकट को जल्द हल करने के ट्रंप के वादे को लेकर कहा कि यह बयान काफी अहम है. मगर जीत के बाद  बयानों का लहजा बदल चुका होता है.

अपनी शर्तों पर बात करेंगे: रूस

ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर चुने जाने के बाद रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि रूस नए व्हाइट हाउस प्रशासन के बाद चर्चा करेगा. इसमें राष्ट्र हितों और सैन्य अभियान के लक्ष्यों को पाने के लिए काम किया जाएगा. हमारी परिस्थितियों में किसी तरह का बदलाव नहीं आया है. वाशिंगटन इस बात से वाकिफ है.

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