मासिक दुर्गाष्टमी आज, इस विधि से करें पूजा, भूलकर न करें ये गलतियां

हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का विशेष महत्व है। यह तिथि हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह दिन मां दुर्गा को समर्पित। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन देवी की श्रद्धा भाव के साथ उपासना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है, आइए इस महापर्व से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

मासिक दुर्गाष्टमी पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।

व्रत का संकल्प लें।

घर के मंदिर के साथ पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।

मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें।

मां को जल अर्पित करें।

उन्हें लाल रंग की चुनरी, सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां और अन्य सोलह शृंगार सामग्री अर्पित करें।

मां को गुड़हल के फूल और माला अर्पित करें।

फल, मिठाई और विशेष रूप से लौंग और कपूर चढ़ाएं।

शुद्ध घी का दीपक जलाएं।

दुर्गा चालीसा का पाठ करें या दुर्गा सप्तशती के किसी अध्याय का पाठ करें।

अंत में मां दुर्गा की आरती करें और सभी में प्रसाद बांटें।

पूजा के दौरान भूलकर न करें ये गलतियां

तामसिक भोजन – इस दिन प्याज, लहसुन, मांसाहार और शराब का सेवन बिल्कुल न करें। सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।

गुस्सा – परिवार या किसी भी व्यक्ति से झगड़ा न करें। इस दिन मन और वचन को शुद्ध रखें और क्रोध करने से बचें।

अपवित्रता – पूजा के दौरान काले या नीले रंग के वस्त्र न पहनें। साफ-सुथरे और हल्के रंग के वस्त्र ही धारण करें।

अखंड दीपक – अगर आप अखंड दीपक जलाते हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि वह बुझना नहीं चाहिए।

अधूरी पूजा – मां दुर्गा की पूजा कभी अधूरी नहीं छोड़नी चाहिए। इसलिए आरती और मंत्र जप के साथ पूजा पूर्ण करें।

किसी का अनादर – इस दिन किसी भी महिला या कन्या का अपमान भूलकर भी न करें। उन्हें देवी का रूप मानकर सम्मान दें।

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