सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया न्यायाधीश की बर्खास्तगी का फैसला, हाईकोर्ट को दी ये सलाह

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जमानत आवेदनों पर निर्णय लेने के लिए अलग मापदंड अपनाने के कारण बर्खास्त एक जिला न्यायाधीश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को रद्द कर दिया। न्यायाधीश की बर्खास्तगी का फैसला रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि न्यायाधीश के खिलाफ केवल कथित तौर पर गलत या त्रुटिपूर्ण न्यायिक आदेश पारित करने के लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती है।

सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने निर्भय सिंह सुलिया की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। उन पर 2014 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में सेवा करते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों और आबकारी अधिनियम के तहत जमानत आवेदनों पर निर्णय लेने में दोहरा मापदंड अपनाने के आरोप लगे थे। इसके बाद उन्हें सेवा से हटा दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट आज एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसे एनआईए ने कुछ चीनी फर्मों के साथ मिलकर लाओस में संगठित मानव तस्करी में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही दिल्ली के रिज क्षेत्र में पेड़ों की कटाई से संबंधित याचिकाओं पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

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