
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में लोगों को प्रदूषित पानी की सप्लाई होने के मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक राज्य स्तरीय समिति बनाई है। यह समिति पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी। समिति को अपनी जांच रिपोर्ट एक महीने के भीतर राज्य सरकार को सौंपेगी।
इस समिति के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन) संजय कुमार शुक्ल होंगे। समिति में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी. नरहरि और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोडवे सदस्य होंगे। इंदौर संभाग के आयुक्त सुदाम खाड़े को समिति का सदस्य-सचिव बनाया गया है। समिति यह पता लगाएगी कि भागीरथपुरा में पानी दूषित कैसे हुआ और इसके पीछे असली कारण क्या थे। साथ ही यह भी जाँच करेगी कि प्रशासनिक, तकनीकी या प्रबंधन स्तर पर कहाँ-कहाँ कमी रही। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसकी जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए समिति जरूरी सुझाव भी देगी। जांच के दौरान समिति संबंधित विभागों से जरूरी दस्तावेज और जानकारी ले सकेगी और जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर निरीक्षण भी करेगी।



