सियाचिन की बर्फीली पहाड़ियों से थार के रेगिस्तान तक, भारतीय सेना में ‘स्पेशल साथियों’ का सम्मान

भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने देश की रक्षा में अहम योगदान देने वाले दो बैक्ट्रियन ऊंट, दो जांस्कारी पोनी और दो आर्मी डॉग्स को सम्मानित किया। ये विशेष साथी बर्फीले पहाड़ों से लेकर रेगिस्तानी इलाकों तक चुनौतीपूर्ण अभियानों में सेना का साथ देते हैं।

देश के सबसे कठिन इलाकों में भारतीय सेना के जवानों का साथ कुछ और साथी भी तैनात रहते हैं, जो भारत की रक्षा करते हैं। भारतीय सेना प्रमुख ने इन्हीं साथियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया है।

भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने दो बैक्ट्रियन ऊंट, दो जांस्कारी पोनी और दो आर्मी डॉग्स को सम्मानित किया है। बर्फीली जगहों से लेकर रेगिस्तानी इलाकों तक भारतीय सेना में शामिल ये साथी कई चुनौतीपूर्ण अभियानों में अहम भूमिका निभा चुके हैं।

बैक्ट्रियन ऊंट और जांस्कारी पोनी को सम्मान
भारतीय सेना के लिए बैक्ट्रियन ऊंट भारी सामान ढोने, ऊबड़‑खाबड़ रास्तों और तीखी ढलानों को पार करने में मदद करते हैं। इन ऊंट की मदद से मुश्किल से मुश्किल इलाकों में सामान पहुंचा गया है।

जांस्कारी पोनी का भी भारतीय सेना में अहम स्थान है। इन साथियों ने सियाचिन ग्लेशियर और उसके आस-पास के इलाकों में तैनात भारतीय जवानों का साथ निभाया है।

आर्मी डॉग्स का अदम्य साहस
भारतीय सेना के साथ निगरानी करने में, ट्रैकिंग में और सर्च ऑपरेशन में आर्मी डॉग्स काफी अहम भूमिका निभाते हैं। इन आर्मी डॉग्स को सेना में शामिल करने से पहले स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है।

आर्मी डॉग्स देश के बॉर्डर पर खड़ी भारतीय सेना का साथ एक सच्चे सिपाही की तरह देते हैं। भारतीय सेना प्रमुख ने इन आर्मी डॉग्स को इनके अदम्य साहस के लिए सम्मानित किया।

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