यूपी: टीईटी अनिवार्यता पर शिक्षक लामबंद, आज राजधानी में जुटेंगे हजारों

69000 शिक्षक भर्ती में 2020 से याची बनकर लड़ाई लड़ रहे आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थियों की बैठक एक मार्च को लखनऊ में होगी। इसमें प्रदेश भर से काफी याची अभ्यर्थी शामिल होंगे। जो सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के लिए अगली रणनीति तय करेंगे।

पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के राजेश चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में 19 मार्च को महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। इससे पहले एक मार्च को लखनऊ में बैठक कर अभ्यर्थी रणनीति बनाएंगे। इस मामले में उन्हें किस तरह से याची लाभ मिले, इसकी विशेष रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि भर्ती में आरक्षण प्रभावित याची अभ्यर्थियों का हर त्योहार आर्थिक तंगी से फीका रह जाता है। ऐसी स्थिति में वे इस बार भी होली नहीं मनाएंगे।

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में यूटा निकालेगा मशाल जुलूस
देश भर के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज हो रहा है। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। इसमें 15 दिनों तक लगातार प्रदेश भर में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह कार्यक्रम पांच से 20 मार्च तक हर दिन पांच जिलों में होगा।

प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने सभी जिलाध्यक्ष व महामंत्री के साथ शनिवार को हुई ऑनलाइन बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से राहत देने की मांग उठाएंगे। बैठक में वीपी बघेल, संजय सिंह, भानुप्रताप सिंह, आशुतोष वर्मा, ओमजी पोरवाल, केके शर्मा, जया शर्मा, अखिलेश सिंह गुंजन, देवकुमार मिश्रा, अंकित राय, विनीत गंगवार, अभय पांडेय, प्रदीप पुंडीर आदि उपस्थित थे।

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