PAN से लेकर ITR फाइलिंग तक, 1 अप्रैल से देश में होने जा रहे बड़े बदलाव

भारत में नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार आयकर अधिनियम, 1961 की जगह नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू कर रही है।

नया आयकर अधिनियम पारदर्शिता और डिजिटल अनुपालन पर क्रेंद्रित होगा। हालांकि, आपके टैक्स स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन रिपोर्टिंग, वेरिफिकेशन और फाइलिंग का तरीका बदल जाएगा। यह नया नियम आपकी टेक-होम सैलरी और निवेश के खुलासे को सीधे प्रभावित करेगा।

आइए जानते हैं, 1 अप्रैल से होने वाले बदलाव का आप पर क्या असर होने वाला है।

फॉर्म- 16 की जगह फॉर्म-130

1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स नियम लागू होने जा रहा है। इसमें आपके इनकम टैक्स का स्लैब नहीं बदलेगा। नए नियम के तहत ITR फॉर्म्स को रीडिजाइन किया जाएगा। फॉर्म- 16 को फॉर्म 130 से बदला जाएगा और ITR फाइलिंग पहले से ज्यादा ऑटोमेटेड कर दी जाएगी।

यह फॉर्म 16 की तरह ही TDS सर्टिफिकेट के तौर पर काम करेगा। इसमें कर्मचारियों को उनकी सैलरी से कितना टैक्स कटा और कौन-कौन से डिडक्शन के तहत उनको छूट मिली, इसकी पूरी डिटेल होगी।

सबसे खास बात यह है कि नए इनकम टैक्स निमय में ITR फाइल करना पहले से अधिक आसान होगा। टैक्सपेयर की कमाई, टैक्स डिडक्शन, मिलने वाली छूट से जुड़ी जानकारियां ऑटोमैटिकली फॉर्म में अपलोड हो जाएंगे। इससे टैक्सपेयर्स को ITR भरने में पहले से अधिक आसानी होगी और गलतियों की गुंजाइश भी कम रहेगी।

मील कार्ड पर छूट

वेतनभोगी कर्मचारी जिन्हें सोडेक्सो, प्लक्सी और जैगल जैसे भोजन कूपन, वाउचर या कार्ड मिलते हैं, उन्हें नए नियम के तहत काफी अधिक कर छूट प्राप्त होने की संभावना है। क्योंकि, नए नियम के तहत नियोक्ता द्वारा प्रदान किए जाने वाले भोजन पर छूट की सीमा 50 रुपये प्रति भोजन से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति भोजन कर दी गई है। यह लाभ पुरानी और नई दोनों कर व्यवस्थाओं के तहत उपलब्ध है।

एचआरए छूट का दायरा

नए नियमों में मकान किराया भत्ता (एचआरए) के दावों के ढांचे को बरकरार रखा गया है और उसका विस्तार भी किया गया है। उच्चतर एचआरए छूट श्रेणी, पहले केवल मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई पर लागू थी, उसे अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद तक बढ़ा दी गई है। अन्य सभी शहर 40 प्रतिशत एचआरए के दायरे में ही रहेंगे।

हालांकि, एचआरए का दावा करते वक्त मकान मालिक की पहचान खुलासा करना अनिवार्य हो जाएगा। कर्मचारियों को नियोक्ता द्वारा आय की गणना और टीडीएस कटौती के समय फॉर्म 124 नामक एक अलग घोषणा पत्र में मकान मालिक का विवरण देना होगा। ताकि किराए के बढ़ा-चढ़ाकर या फर्जी दावों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।

पैन कार्ड से जुड़े नियम

1 अप्रैल 2026 से होने वाले अन्य बड़े बदलावों में पैन कार्ड से जुड़ा बदलाव भी शामिल है। नए नियमों के तहत अब पैन कार्ड से जुड़े आवेदनों के लिए केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा, आवेदकों को अन्य डॉक्युमेंट्स भी जमा करने होंगे। इसके अलावा कार की खरीद/बिक्री और अन्य उच्च मूल्य के खर्चों सहित अधिक लेन-देन में पैन की आवश्यकता होगी।

क्या है नए नियम का मतलब?

नया टैक्स सिस्टम लागू हो जाने के बाद टैक्सपेयर्स को अपने निवेश और खर्च का सही रिकॉर्ड रखना होगा। कहां कितना पैसा खर्च हुआ, सब साफ-साफ दिखाना होगा। नए नियमों के तहत अब आप टैक्स-फ्री इनकम भी कमाते हैं, तो उससे जुड़े खर्च को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

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