
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) की भारतीय सीईओ की नियुक्ति के बाद बाद नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कॉमर्शियल उड़ानों के जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। विदेशी मूल के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन की जगह नीतू समरा की नियुक्ति के बाद ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बकास) की ओर से हरी झंडी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
हरी झंडी मिलते ही लगभग एक माह में विमानन कंपनियां अपनी कार्ययोजना बनाकर घरेलू उड़ानों के लिए टिकटों की बिक्री शुरू कर देंगी। अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (एएसपी) अंतिम आवेदन होता है। जिसकी अनुमति मिलने के बाद एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानें की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
इससे पहले नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान में आ रही अड़चन का पटाक्षेप हो गया। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि. (यापल) के सीईओ के भारतीय नहीं होने के नियम से आ रही बाधा को दूर करते हुए कंपनी ने अंतरिम आधार पर नीतू समरा को सीईओ नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि अब एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (एएसपी) को मंजूरी मिल सकती है। इससे एयरपोर्ट से जल्द उड़ान शुरू हो सकती हैं। इससे पहले, यापल के विदेशी मूल के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन होने के चलते एएसपी के लिए हरी झंडी नहीं मिल पा रही थी।
भारतीय सुरक्षा नियमों के चलते भारत में एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। गृह मंत्रालय ने भी नोएडा एयरपोर्ट पर विदेशी मूल के सीईओ को हरी झंडी नहीं दी थी। नीतू निदेशक मंडल की औपचारिक चयन प्रक्रिया पूरी होने तक सीईओ बनी रहेंगी। नीतू अक्तूबर 2021 से नोएडा एयरपोर्ट की मुख्य वित्तीय अधिकारी हैं। वहीं, श्नेलमैन अब बतौर कार्यकारी उपाध्यक्ष एयरपोर्ट के निदेशक मंडल में शामिल होंगे। वह परियोजना और उसके संचालन में भूमिका निभाते रहेंगे।
पूर्व सीईओ कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में निभाएंगे जिम्मेदारी
क्रिस्टोफ श्नेलमान अगस्त 2020 से यापल के सीईओ के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अब वह कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में एयरपोर्ट के निदेशक मंडल में शामिल होंगे। इस भूमिका में वह परियोजना और उसके संचालन में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद उनका लक्ष्य था कि परिचालन जल्द से जल्द शुरू हो सके। इस प्रबंधन परिवर्तन से एयरपोर्ट बकास की आवश्यकताओं के अनुरूप हो गया है। नई गठित टीम स्पष्ट और पारदर्शी शासन तथा मजबूत कॉर्पोरेट संस्कृति के मार्गदर्शन में सुचारू परिचालन परिवर्तन में सहयोग करेगी।
-डैनियल बिरचर, चेयरमैन, यापल



