किसके दबाव में ईरान बातचीत के लिए हुआ तैयार; ट्रंप ने किया खुलासा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फिर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला करने ही वाला था, लेकिन आखिरी वक्त पर ईरान ने बातचीत के लिए संपर्क किया।

उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर सैन्य हमले की संभावना ने ईरान को बातचीत की मेज पर लौटने के लिए मजबूर किया।

हमले से ठीक पहले ईरान ने किया संपर्क

बुधवार को लास वेगास में एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के अधिकारियों ने नियोजित ऑपरेशन से ठीक पहले उनसे संपर्क किया था। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मुझे फोन किया और कहा, कृपया ऐसा न करें, आइए बात करते हैं।

ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका के लगातार सैन्य दबाव के कारण ही ईरान बातचीत की मेज पर लौटा।

परमाणु पर अपना रुख किया साफ

ट्रंप ने कहा कि वह कूटनीति के लिए तैयार हैं, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं होगा। मैं समझौता करना पसंद करूंगा क्योंकि मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता, लेकिन ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।

होर्मुज पर डील की उम्मीद

इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रैट को खोलने पर बातचीत में काफी प्रगति हुई है और कल या परसों में समझौते का एलान हो सकता है। वहीं ईरान ने भी बातचीत की पुष्टि की है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान और ओमान अंतिम चरण में हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार मसौदा तैयार हो चुका है और अब ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की मंजूरी का इंतजार है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये एक अस्थायी व्यवस्था होगी, जिससे अमेरिका-ईरान की परमाणु वार्ता फिर शुरू हो सके।

दोनों देशों के बीच अभी भी मतभेद

अमेरिका नहीं चाहता है कि ईरान को होर्मुज स्ट्रैट पर ट्रांजिट फीस लेने या नियंत्रण का अधिकार मिल। वहीं ईरान कुछ हद तक इस पर नियंत्रण चाहता है।

होर्मुज क्यों है इतना जरूरी?

28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ही यह टकराव का केंद्र बना हुआ है। दुनिया के 5वें हिस्से का तेल और गैस यहीं से गुजरता है। इस वजह से क्रूड ऑयल महंगा हुआ और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा।

बातचीत के बीच भी खतरा बना हुआ है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर पर हमले का दावा किया है। वहीं इजरायल-लेबनान सीमा पर भी फिर से लड़ाई का डर है।

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube