कांग्र्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने लोकसभा चुनाव- 2019 के दौरान दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला होने के संकेत दिए हैं

राजनीतिक गलियारों में तमाम कयासों और चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने लोकसभा चुनाव- 2019 के दौरान दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला होने के संकेत दिए हैं। उनका यह भी कहना है कि जब दिल्ली में कांग्रेस का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और पार्टी का दम साफ नजर आ रहा है तो आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन क्यों किया जाए।

जागरण से खास बातचीत में शीला दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय और देश की परंपरागत राजनीतिक पार्टी है। इसका गौरवशाली इतिहास ही नहीं, अपनी एक विचारधारा भी है। जबकि, महज कुछ ही साल पहले एक आंदोलन से उपजी आम आदमी पार्टी न तो दिल्ली के अलावा कहीं अस्तित्व रखती है और न ही इसकी कोई विचारधारा है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री तक बार बार अपनी ही कही बात से पलटते रहते हैं। कभी कुछ कहते हैं और कभी कुछ, इसीलिए ऐसी पार्टी से गठबंधन का कोई औचित्य नहीं है। शीला ने बताया कि नगर निगम और उप चुनावों के बाद दिल्ली में कांग्रेस का वोट फीसद लगातार बढ़ रहा है।

दिल्लीवासी कांग्रेस के 15 साल के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को भी लगातार याद कर रहे हैं। पिछले एक माह से तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर पार्टी ने अपनी तमाम चुनाव समितियों का गठन भी कर दिया है।

सभी अपने काम में जुट गई हैं। यह पूछने पर कि कांग्रेस दिल्ली की सातों सीटों के लिए अपने उम्मीदवार घोषित करने में देर क्यों कर रही है? शीला ने कहा कि अभी तक चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की अधिसूचना भी जारी नहीं की है। अलबत्ता, पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कोई भी पैराशूट उम्मीदवार नहीं होगा।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) के निर्देशानुसार 20 फरवरी तक सातों सीटों के लिए संभावित प्रत्याशियों के कुछ चुनिंदा नाम स्क्रीनिंग कमेटी को भेज भी दिए जाएंगे, लेकिन नामों की घोषणा चुनाव आयोग की अधिसूचना के बाद ही की जाएगी।

एक अन्य सवाल के जवाब में शीला ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा और आम आदमी पार्टी उनके दुश्मन नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंदी हैं। शीला ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस इस बार सातों सीटों पर विजय प्राप्त कर दिल्ली की सत्ता में दोबारा वापसी करेगी।

चुनावी रणनीति के बारे में उनका कहना था कि चुनाव हमेशा राजनीतिक बुद्धिमानी से लड़ा जाता है, महीनों पहले उम्मीदवार या लोकसभा प्रभारी घोषित करके नहीं, इसलिए कांग्रेस सही समय आने पर ही अपने उम्मीदवार घोषित करेगी और अपनी चुनावी रणनीति सार्वजनिक करेगी।

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