न्यूजीलैंड हमले के पीड़ितों में दो हैदराबादी भी शामिल, एक घायल, दूसरा लापता

न्यूजीलैंड के सेंट्रल क्रिस्टचर्च की दो मस्जिदों पर हुए आतंकी हमले के पीड़ितों में दो लोग तेलंगाना के हैदराबाद से भी हैं। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को हुए इस हमले में इन दो लोगों में एक घायल है और दूसरे का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है।

पुलिस ने बताया कि अहमद इकबाल जहांगीर (32) शुक्रवार को हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और मोहम्मद फैजल अहसान (27) भी हमले के वक्त मस्जिद में मौजूद थे और लापता हैं। बता दें इस हमले में करीब 49 लोगों की मौत हुई है।

जहांगीर के बड़े भाई मोहम्मद खुर्शीद का कहना है कि जहांगीर करीब 12 साल पहले न्यूजीलैंड गए थे। वह यहां हैदराबाद बिरयानी नाम का रेस्टोरेंट चलाते हैं। वह क्रिस्टचर्च में अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहते थे।

खुर्शीद ने बताया, “हम नहीं जानते कि शूटिंग वास्तव में कैसे हुई। हमें पुलिस ने बताया है कि मेरा भाई मुसलमानों के बीच शुक्रवार की नमाज में भाग लेने गया था, जब कुछ बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी की।” उन्होंने कहा, “हमें पता चला है कि वो भी हमले में घायल हुए हैं और माना जा रहा है कि कल उनकी सर्जरी होगी।”

जहांगीर के परिवार ने ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी से संपर्क किया, ताकि खुर्शीद को न्यूजीलैंड का वीजा मिल सके।

ओवैसी ने इसके बाद तेलंगाना सरकार से अनुरोध किया है कि खुर्शीद को वीजा दिलाएं। ताकि वह जल्द से जल्द अपने भाई की मदद के लिए न्यूजीलैंड जा सके।

वहीं दूसरी ओर अहसान की मां इम्तियाज फातिमा का कहना है कि उन्होंने अहसान की पत्नी से बात की। जिसने उन्हें बताया कि अहसान भी उसी मस्जिद में गए थे जहां गोलीबारी हुई, लेकिन घर वापस नहीं लौटे हैं। पेशे से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर अहसान पांच साल से न्यूजीलैंड में रह रहे हैं।

फातिमा का कहना है कि उनका बेटा अहसान अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ न्यूजीलैंड में रहता है।
हमले से सिहर उठा शांत रहने वाला न्यूजीलैंड
क्राइस्टचर्च में हुए हमले से न्यूजीलैंड ही नहीं पूरी दुनिया स्तब्ध है। न्यूजीलैंड की पहचान बेहद शांत देश के तौर पर होती है। अमेरिका से बिल्कुल उलट यहां फायरिंग की घटना बिलकुल नहीं होती। यहां तक कि न्यूजीलैंड के पुलिसकर्मी भी अकसर अपने साथ गन नहीं रखते। हमलावर ने लिखा था कि न्यूजीलैंड जैसे शांत देश में हमले से यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि धरती पर कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है।

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube